मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन (MWTA) द्वारा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) के नए नियमों और कुआं ऑपरेटरों को जारी प्रशासनिक नोटिसों के विरोध में 7 जून की आधी रात से बेमियादी हड़ताल शुरू की गई है. यह हड़ताल अब भी जारी है, इससे महानगर में प्रतिदिन होने वाली करीब 18,000 वाटर टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे लगभग 200 से 350 दशलक्ष लीटर (MLD) पानी की दैनिक सप्लाई प्रभावित हुई है. शहर के सात प्रमुख जलाशयों में पानी का स्टॉक 15 प्रतिशत से नीचे गिरने के कारण नगर निकाय द्वारा पहले से ही पूरे मुंबई में 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू की गई है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है.
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कठोर जुर्माने के प्रावधानों का विरोध
दअरसल, निजी कुओं और बोरवेल से पानी निकालने के लिए CGWA से 7 दिनों के भीतर नया एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) लाने के सरकारी आदेश और कठोर जुर्माने के प्रावधानों के विरोध में टैंकर ऑपरेटरों ने काम पूरी तरह बंद रखा है. बेमियादी बंद के चलते मुंबई की बड़ी हाउसिंग सोसायटियों, अस्पतालों, होटलों, झुग्गी बस्तियों और बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में पानी की भारी किल्लत शुरू हो गई है.
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लाखों लोगों पर गहराया जल संकट
मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन (MWTA) की हड़ताल से शहर के लाखों लोगों पर पानी का संकट गहरा गया है. अगर, यह हड़ताल जल्द ही खत्म नहीं होती है तो हालात और खराब हो जाएंगे. लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ सकता है. हालांकि, मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन का कहना है कि जब तक सरकार अपना आदेश वापस नहीं लेती हमारी हड़ताल जारी रहेगी.
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