- मुंबई के शास्त्री नगर सरकारी अस्पताल में बिना अनुमति 17 साल की लड़की का प्रेग्नेंसी टेस्ट किया गया
- अस्पताल ने तीन बार टेस्ट कर परिवार से लड़की के प्रेग्नेंट होने की बात कही
- परिवार ने प्राइवेट अस्पताल में जांच कराई, जहां रिपोर्ट नेगेटिव आई. अब सरकारी जांच पर सवाल उठ रहे हैं
मुंबई के एक सरकारी अस्पताल से लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पीरियड्स से जुड़ी समस्या लेकर एक 17 साल की लड़की इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थी. उसके 3 टेस्टकिए गए. रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल ने कहा कि लड़की प्रेग्नेंट है. ये बात सुनते ही बच्ची के परिवार वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई. वह एक दम से कुछ समझ ही नहीं पाए. कथित मेडिकल लापरवाही का यह मामला कल्याण-डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल का है.
सरकारी अस्पताल ने बच्ची को बताया प्रेग्नेंट
दरअसल 17 साल की लड़की पीरियड्स से जुड़ी समस्या के इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थी. जानकारी के मुताबिक, अस्पताल ने उसके माता-पिता की सहमति के बिना ही उसका प्रेग्नेंसी टेस्ट कर दिया.खबर के मुताबिक, अस्पताल ने उसका तीन बार प्रेग्नेंसी टेस्ट किया और परिवार को बताया कि उनकी बच्ची प्रेग्नेंट है, उसका टेस्ट पॉजिटिव आया है.

परेशान परिवार प्राइवेट अस्पताल पहुंचा
बच्ची का परिवार डॉक्टर्स की बात सुनकर हैरान था.उनको कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि ये हुआ क्या. वे लोग अपनी बेटी को दोबारा टेस्ट के लिए प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे. प्राइवेट हॉस्पिटल में बच्ची की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई, जिसके बाद सरकारी अस्पताल में की गई जांच और मेडिकल प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
गंभीर मामला स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में उठा
प्राइवेट अस्पताल ने लड़की की पीरियड्स से जुड़ी समस्या का इलाज किया और दवा देने के बाद उसे छुट्टी दे दी.इस घटना ने शास्त्री नगर हॉस्पिटल के डॉक्टरों के व्यवहार और काम करने के तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह गंभीर मामला स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में उठा तो म्युनिसिपल कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए.
सरकारी अस्पताल के कामकाज पर सवाल
जांच में उन हालात की पड़ताल की जाएगी, जिनमें बच्ची के ये टेस्ट किए गए थे. साथ ही जांच में शामिल डॉक्टरों के व्यवहार की भी जांच होगी. गलत रिपोर्ट के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ केस दर्ज करने समेत सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है. मुंबई के अस्पताल की इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में मरीज की सहमति, मेडिकल प्रक्रियाओं, विश्वसनीयता और जवाबदेही को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.
ये भी पढे़ं- मुंबई की इमारत के 11वें फ्लोर पर लगी भीषण आग, ढाई साल के बच्चे समते 2 लोगों की मौत, 6 झुलसे
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं