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‘अब दोबारा अनशन किया तो मर जाऊंगा’; मराठा आरक्षण पर नहीं माने मनोज जरांगे, 12 सितंबर को मुबंई कूच का अल्टीमेटम

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे मनोज जरांगे ने राज्य सरकार के आश्वासन के बावजूद आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है. उन्होंने 11 सितंबर तक मांगें पूरी करने की समयसीमा देते हुए 12 सितंबर को मुंबई कूच की चेतावनी दी है.

‘अब दोबारा अनशन किया तो मर जाऊंगा’; मराठा आरक्षण पर नहीं माने मनोज जरांगे, 12 सितंबर को मुबंई कूच का अल्टीमेटम
मराठा आरक्षण पर नहीं बनी सहमति, अनशन जारी रखेंगे मनोज जरांगे
जालना:

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जालना के अंतरवाली सराटी में अनशन कर रहे मनोज जरांगे और महाराष्ट्र सरकार के बीच बातचीत फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है. सरकार की ओर से पहुंचे मंत्रियों ने दावा किया कि आंदोलन की अधिकांश मांगें स्वीकार कर ली गई हैं और 58 लाख मराठाओं को कुनबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया 4 सितंबर से शुरू होगी. इसके बावजूद जरांगे ने अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि अब उनका शरीर साथ नहीं दे रहा है और यह उनका आखिरी अनशन है. जरांगे ने 11 सितंबर तक मांगें लागू करने की समयसीमा देते हुए 12 सितंबर को मुंबई कूच की चेतावनी दी है.

आश्वासन पर नहीं बनी बात

राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने आह्वान किया है कि जिनके कुनबी रिकॉर्ड मिल गए हैं, वे 4 सितंबर से आवेदन करें, उन्हें तुरंत प्रमाणपत्र दिए जाएंगे. लेकिन मराठा आरक्षण की मांगों को लेकर जालना के अंतरवाली सराटी में चल रहे मनोज जरांगे के अनशन को खत्म कराने में मंत्रियों का समूह फिलहाल विफल रहा है. उदय सामंत, राधाकृष्ण विखे पाटिल, मकरंद पाटिल और विधायक प्रसाद लाड के प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगें मान ली गई हैं. हालांकि, जरांगे अपने फैसले पर अडिग हैं.

मंत्री विखे पाटिल ने घोषणा की है कि 4 सितंबर से इन रिकॉर्ड्स के आधार पर प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. लोगों से अपील की गई है कि वे जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करें. कोई भी अड़चन आने पर संबंधित जिलाधिकारी से संपर्क करें.

शरीर साथ नहीं दे रहा : जरांगे

जरांगे ने कहा, 'अब मैं आगे अनशन नहीं कर सकता, शरीर साथ नहीं दे रहा है. इसके बाद अगर मैंने अनशन किया तो मैं मर जाऊंगा. इसलिए जो भी करना है, अभी करना है, मराठा समाज की सभी मांगें मैं इसी बार पूरी करवा कर रहूंगा.' मनोज जरांगे पिछले 6 दिनों से उन 58 लाख मराठाओं को कुनबी प्रमाणपत्र देने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं, जिनके रिकॉर्ड मिल चुके हैं.

स्वतंत्र 'मराठा आरक्षण कक्ष' बनेगा

राज्य के मंत्री और मराठा उपसमिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि 'जस्टिस शिंदे समिति ने जो 58 लाख नए रिकॉर्ड खोजे हैं, उसकी सफलता का श्रेय मनोज जरांगे पाटिल की पहल को जाता है. जाति प्रमाणपत्र बनाने के लिए हर जिले में 'नोडल अधिकारी' Nodal Officer नियुक्त किए जाएंगे और मंत्रालय में एक स्वतंत्र 'मराठा आरक्षण कक्ष' बनाया जाएगा.' उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने जिस तरह से इस मुद्दे पर काम किया है, वैसा किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने नहीं किया. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि, '1994 में मंडल कमीशन के समय मराठा समुदाय को ओबीसी में शामिल न करके उन्हें आरक्षण से वंचित रखने का पाप किसने किया, यह सब जानते हैं.'

11 सितंबर की डेडलाइन

मंत्रियों का सम्मान करते हुए जरांगे ने एक की जगह दो सलाइन IV Drip लगवाने की बात मान ली है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक मांगों पर अमल नहीं होता, अनशन जारी रहेगा. उन्होंने 11 सितंबर तक का समय दिया है. यदि तब तक मांगें लागू नहीं हुईं, तो 12 सितंबर को वे मुंबई जाकर आंदोलन करेंगे.

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