- महाराष्ट्र SIR के तहत 2.07 करोड़ नाम वोटर लिस्ट से हट सकते हैं.
- जीत का अंतर कम होने से 120 सीटों पर बड़ा असर, बीड में 5,324 की जीत पर 73,844 नाम कट सकते हैं.
- मुस्लिम बहुल 22 सीटों पर जीत का समीकरण बदल सकता है.
महाराष्ट्र में 2029 के विधानसभा चुनाव में कुल 288 निर्वाचन क्षेत्रों में से करीब 120 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव आयोग का स्पेशल इंटेसिव रिवीजन यानी SIR अभियान बेहद प्रभावी साबित होने की संभावना है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि 2024 के चुनावों में उम्मीदवारों की जीत का जो अंतर था, उसकी तुलना में वोटर लिस्ट से हटाए जाने वाले मतदाताओं की संख्या 30 से 460 गुना तक ज्यादा है. संभाजीनगर मध्य में जीत का अंतर सिर्फ 8,221 वोटों का था, जबकि करीब 1,16,153 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं. संभाजीनगर पूर्व में 2,161 वोटों से जीत हुई थी, जबकि 1,15,997 मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं. वहीं, बीड में जीत का अंतर 5,324 वोटों का था, जबकि 73,844 मतदाताओं के नाम काटे जा सकते हैं.
वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदलाव!
चुनाव आयोग के इस अभियान के तहत राज्य के करीब 2 करोड़ 7 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की संभावना है. यह डेटा 18 अगस्त को जारी किया जा चुका है. 2024 के चुनावों में कम अंतर से जीत हासिल करने वाले उम्मीदवारों को 2029 के चुनावों के लिए इस आंकड़े को गंभीरता से लेना होगा.
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने यह आरोप भी लगाया है कि जिन क्षेत्रों में जीत का अंतर बहुत कम था, वहां मुस्लिम मतदाताओं के नाम तुलनात्मक रूप से ज्यादा काटे गए हैं.
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नाम काटे जाने की वजहें और आंकड़े...
- स्थायी रूप से स्थानांतरित (Migrated): 76.80 लाख (7.85%)
- पता न चलने वाले (लापता): 75.52 लाख (7.72%)
- मृत मतदाता: 34.81 लाख
- दोहरा पंजीकरण (Double Registration): 17.63 लाख (1.80%)
- अन्य अपात्र मतदाता: 2.23 लाख
बड़े नेताओं के निर्वाचन क्षेत्रों में हटाए जाने वाले मतदाता
- देवेंद्र फडणवीस (नागपुर दक्षिण-पश्चिम): 1,54,010 मतदाता
- एकनाथ शिंदे (कोपरी-पाचपाखाडी): 1,11,083 मतदाता
- डॉ. जितेंद्र आव्हाड (मुंब्रा-कलवा): 2,13,627 मतदाता
- आदित्य ठाकरे (वर्ली): 1,05,613 मतदाता
- अबू असीम आज़मी (मानखुर्द): 1,46,965 मतदाता
मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के चुनावी समीकरण
2024 के चुनावों में 22 प्रमुख मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में से 13 सीटों पर महायुति सत्ताधारी गठबंधन और 6 सीटों पर महा विकास अघाड़ी ने जीत दर्ज की थी. इन सीटों पर जीत का अंतर काफी कम था. एसआईआर की वजह से इन 22 निर्वाचन क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह से बदल सकती है.
इसे देखते हुए बीजेपी ने अपने पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल करवाने के काम में तुरंत जुट जाएं.
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