विज्ञापन

महाराष्ट्र में 2 करोड़ वोटर 'लापता', SIR में नहीं हुए शामिल, क्या मुंबई, पुणे से हटेंगे इतने लाख नाम?

इन संभावित कटौतियों को सुधारने का आखिरी मौका देते हुए 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी, जिस पर 23 सितंबर तक नाम जोड़ने, हटाने या नए रजिस्ट्रेशन के लिए आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे.

महाराष्ट्र में 2 करोड़ वोटर 'लापता', SIR में नहीं हुए शामिल, क्या मुंबई, पुणे से हटेंगे इतने लाख नाम?
महाराष्ट्र में SIR के लिए करीब 2 करोड़ मतदाताओं के नहीं मिले आवेदन. (प्रतीकात्मक फोटो)
  • महाराष्ट्र SIR प्रक्रिया में करीब दो करोड़ मतदाताओं के आवेदन अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं
  • मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे शहरों में शहरी मतदाताओं की उदासीनता की वजह से SIR प्रक्रिया को कम रिस्पांस मिला है
  • पुणे जिले में लगभग 29 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की संभावना है, जिससे कुल संख्या घटकर 62 लाख होगी
मुंबई:

महाराष्ट्र में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए चल रही 'विशेष सघन पुनरीक्षण' SIR प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक करीब 2 करोड़ मतदाताओं के आवेदन ही प्राप्त ही नहीं हुए हैं.चुनाव आयोग और प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्य में 78.64 प्रतिशत मतदाता आवेदनों को डिजिटाइज किया जा चुका है.

SIT प्रकिया में मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे प्रमुख और घनी आबादी वाले महानगरों का सबसे कम रिस्पांस मिला है. शहरी मतदाताओं की यह उदासीनता प्रशासन के लिए बड़ी परेशानी बन गई है.इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के आवेदन न मिलने से मतदाता सूची के इस पुनरीक्षण अभियान की सफलता पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे आगामी चुनावों को लेकर चुनाव आयोग की चिंताएं बढ़ गई हैं.

पुणे, नासिक और विदर्भ क्षेत्रों में लाखों वोटर्स 'लापता'

पुणे में 29 लाख नाम कटने की कगार पर हैं. वोटर्स की कुल संख्या घटकर 62 लाख होने का अनुमान है.  वहीं विदर्भ-नासिक में 45 लाख से ज्यादा संपर्क से बाहर हैं. राज्य के कुल 9.78 करोड़ मतदाताओं में से 78.82% का डिजिटलीकरण हो चुका है. लेकिन पुणे, नासिक और विदर्भ क्षेत्रों में लाखों मतदाताओं का या तो अता-पता नहीं है या उनके नाम सूची से कटने की कगार पर हैं.

मुंबई में 30 लाख वोटर्स पर नाम कटने का खतरा

वहीं मुंबई के 30 लाख वोटरों पर लिस्ट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है.इनमें सायन-कोलीवाड़ा, मानखुर्द और वर्ली सबसे आगे है. वहीं विदर्भ में 35 लाख वोटर 'अनकलेक्टेबल' हैं.विदर्भ के 11 जिलों में बड़ी संख्या में मतदाता ट्रेस नहीं हो पाए हैं. अकेले नागपुर में 14.43 लाख मतदाता संपर्क से बाहर हैं. नासिक में शहर से गांव तक 10 लाख से ज्यादा वोटर गायब हैं. 

पुणे जिले में मतदाता सूची में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.SIR प्रक्रिया के तहत जिले से लगभग 28 लाख 49 हजार (करीब 29 लाख) मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं. इस भारी कटौती के बाद पुणे जिले में मतदाताओं की कुल संख्या घटकर 62 लाख रह जाने का अनुमान है. पते में सुधार और 2002 की मतदाता सूची के विवरणों को लेकर करीब 15 लाख 50 हजार मतदाताओं की सुनवाई 24 अगस्त से 22 अक्टूबर के बीच आयोजित की जाएगी.

नासिक में 10 लाख से ज्यादा वोटर्स संपर्क से बाहर

वहीं अमरावती में 3.53 लाख, अकोला में 2.77 लाख, चंद्रपुर में 2.70 लाख और यवतमाल में 2.65 लाख मतदाता संपर्क से बाहर हैं. नासिक जिले में भी पुनरीक्षण अभियान के आंकड़े प्रशासन की चिंता बढ़ाने वाले हैं. पूरे नासिक जिले में 10 लाख 33 हजार 973 (कुल मतदाताओं का 20.26%) मतदाता संपर्क से बाहर हैं. बता दें कि अकेले नासिक शहर में यह आंकड़ा 5 लाख 57 हजार 103 है. नासिक पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 1 लाख 94 हजार 97 मतदाता अनकलेक्टेबल हैं.

अब आगे क्या, क्या तुरंत कट जाएंगे नाम?

चुनाव आयोग और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 'अनकलेक्टेबल' यानी संपर्क से बाहर होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मतदाता का नाम तुरंत काट दिया जाएगा.इस सूची में ऐसे लोग शामिल हैं जो या तो शिफ्ट विस्थापित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, या जिनके पास दोहरे वोटर आईडी हैं. आगामी 24 अगस्त को 'प्रारूप मतदाता सूची' Draft Voter List जारी की जाएगी.

ये है सुधार, दावे और आपत्तियां की अंतिम तारीख

जिन नागरिकों के नाम इस सूची में नहीं होंगे या जिन्हें कोई सुधार करवाना है, उन्हें दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा. क्षेत्रों के अनुसार यह समय सीमा 23 सितंबर से 22 अक्टूबर के बीच तय की गई है. प्रशासन सभी मामलों की नियम के मुताबिक जांच करेगा. जिसके बाद ही मृत, विस्थापित और दोहरे मतदाताओं की असल संख्या साफ होगी और अंतिम यानी फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी.

ASDD सूची में लापता वोटर्स 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने बताया कि इमारतों के पुनर्विकास और पलायन के चलते लापता हुए इन मतदाताओं को 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट' (ASDD) सूची में डालकर वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया गया है. जिनमें मुंबई के सायन-कोलीवाड़ा, मानखुर्द-शिवाजी नगर, वर्ली और मालाबार हिल इलाकों का नाम सबसे आगे है.

24 अगस्त को होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी

इन संभावित कटौतियों को सुधारने का आखिरी मौका देते हुए 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी, जिस पर 23 सितंबर तक नाम जोड़ने, हटाने या नए रजिस्ट्रेशन के लिए आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे, जिसके बाद सभी सुधारों को शामिल करते हुए 27 अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित कर दी जाएगी.

ये भी पढ़ें-दिल्ली SIR: कटेंगे 47 लाख वोटरों के नाम? सीलमपुर, मुस्तफाबाद जैसे मुस्लिम इलाके अव्वल, आरके पुरम, कस्तूरबानगर कालकाजी फिसड्डी


 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
SIR In Maharashtra, Mumbai Voters, SIR Voter List, Election Commission, Draft Voter List
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com