विज्ञापन
This Article is From Jan 03, 2026

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव: निर्विरोध जीते नगरसेवकों पर सख्ती, जीत के ऐलान पर रोक, जानें क्यों

Maharashtra News: विपक्ष के आरोपों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है. SEC ने कहा कि बिना मुकाबला चुने गए हर उम्मीदवार की जांच होगी. नामांकन प्रक्रिया, आपत्तियों और वापसी की पूरी फाइल देखी जाएगी. किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव: निर्विरोध जीते नगरसेवकों पर सख्ती, जीत के ऐलान पर रोक, जानें क्यों
महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग का बड़ा एक्शन.
  • महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों को फिलहाल विजेता घोषित नहीं किया जाएगा.
  • कुल 66 नगरसेवक निर्विरोध चुने गए हैं, जिनमें से 43 बीजेपी, 19 शिवसेना और 2 राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के हैं.
  • विपक्ष ने निर्विरोध चुनावों को लोकतंत्र की हत्या और चुनावी प्रक्रिया में मैच फिक्सिंग करार दिया है.
मुंबई:

महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के बीच एक अहम और विवादास्पद घटनाक्रम सामने आया है. निर्विरोध चुने गए नगरसेवकों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जब तक विस्तृत जांच पूरी नहीं होगी, तब तक ऐसे उम्मीदवारों को विजेता घोषित नहीं किया जाएगा.

ये भी पढ़ें- BMC Election: मुंबई में 30% मराठी पर 60 वार्ड में यूपी-बिहार के लोगों का दबदबा, जानें गुजराती-मारवाड़ी से मुस्लिमों तक की कितनी आबादी

निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों की होगी जांच

राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि जिन उम्मीदवारों का निर्विरोध चुनाव हुआ है, उनके संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर को एक-एक उम्मीदवार की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी. इन रिपोर्टों की जांच और स्क्रूटनी SEC खुद करेगा, और उसके बाद ही संबंधित उम्मीदवारों को औपचारिक रूप से विजेता घोषित किया जाएगा.

66 नगरसेवक निर्विरोध चुने गए

आंकड़ों के मुताबिक, यहां पर महायुति का दबदबा जारी है. जानकारी के मुताबिक, करीब 66 नगरसेवक निर्विरोध चुने गए हैं. इनमें से 40 से अधिक नगरसेवक अकेले बीजेपी के हैं. बाकी निर्विरोध चुने गए नगरसेवक शिवसेना (शिंदे गुट) और महायुति के अन्य घटक दलों से जुड़े हैं. कुल 66 सीटों में से 43 सीटों पर अकेले बीजेपी के उम्मीदवार निर्विरोध जीते हैं. वहीं, एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने 19 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है. अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भी 2 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं. इस तरह, निर्विरोध चुने गए नगरसेवकों में महायुति का भारी वर्चस्व देखने को मिला है, जिसे लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है.

विपक्ष का हमला: ‘लोकतंत्र की हत्या'

इस पूरे मामले पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने बीजेपी और राज्य निर्वाचन आयोग दोनों पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि, “डर, दबाव और सत्ता के दुरुपयोग के कारण उम्मीदवारों को मैदान छोड़ने पर मजबूर किया गया. यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या है.”

संजय राउत ने दावा किया कि कई जगहों पर विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन वापस कराने के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव डाला गया, जिससे मुकाबला ही खत्म हो गया.

कांग्रेस का आरोप: ‘मैच फिक्सिंग'

कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी और राज्य सरकार को घेरा है. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि चुनाव से पहले ही “मैच फिक्स” किया गया. सत्ता और मशीनरी का दुरुपयोग कर विपक्ष को बाहर किया गया. उन्होंने कहा कि बिना मुकाबला जीत बीजेपी की “तानाशाही मानसिकता” को दर्शाती है. कांग्रेस ने यह भी कहा कि अगर चुनाव निष्पक्ष होते, तो इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना संभव नहीं था.

SEC की सफाई और सख्ती

विपक्ष के आरोपों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है. SEC ने कहा कि बिना मुकाबला चुने गए हर उम्मीदवार की जांच होगी. नामांकन प्रक्रिया, आपत्तियों और वापसी की पूरी फाइल देखी जाएगी. किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी

निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों की जीत के ऐलान पर रोक

इसी वजह से आयोग ने फिलहाल जीत की औपचारिक घोषणा पर रोक लगाई है. इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि निर्विरोध जीत अब सिर्फ राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि जांच का विषय बन गई है.विपक्ष इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहा है. वहीं SEC की सख्ती यह संकेत दे रही है कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने की कोशिश की जा रही है.

आने वाले दिनों में SEC की रिपोर्ट और उस पर होने वाले फैसले महाराष्ट्र की चुनावी राजनीति में बड़ा असर डाल सकते हैं. खासतौर पर तब, जब बिना मुकाबला जीत को लेकर सियासी घमासान अपने चरम पर है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Maharashtra Municipal Corporation Elections 2026, Corporator Elected Unopposed, SEC Strict, SEC Inquiry, Mahayuti Corporator Elected Unopposed
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com