- बीएमसी चुनाव में शिवसेना यूबीटी और राज ठाकरे की मनसे ने गठबंधन किया है बीजेपी शिवसेना शिंदे गुट के साथ है.
- मुंबई के 227 वार्डों में मराठी वोटर सबसे ज्यादा हैं जिनकी संख्या 25 से 30 प्रतिशत के बीच है
- मुंबई में उत्तर भारतीय मतदाता लगभग 20 से 25 प्रतिशत और बीजेपी तथा कांग्रेस को समर्थन देते हैं
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव में 227 सीटों की लड़ाई काफी प्रतिष्ठापूर्ण हो गई है. उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के लिए ये करो या मरो का सवाल है, जिन पर ठाकरे परिवार की सियासत का आखिरी गढ़ बचाने की चुनौती है. शिवसेना यूबीटी ने इस बार अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के साथ गठबंधन किया है. जबकि बीजेपी शिवसेना शिंदे गुट के साथ गठजोड़ कर चुनाव में उतरी है. BMC के 227 निर्वाचन वार्ड में मराठी, उत्तर भारतीय, मुस्लिम, गुजराती-मारवाड़ी मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है, बाकी अन्य समुदाय के वोटर हैं. बीएमसी चुनाव 2017 में चुने गए 227 नगरसेवकों में करीब 150-155 नगरसेवक मराठी भाषी थे. जबकि 72 से 76 नगरसेवक गैर मराठी यानी गुजराती, उत्तर भारतीय, मुस्लिम थे. शिवसेना के दोनों धड़ों और मनसे का फोकस मराठी मानुष पर है, जबकि बीजेपी मराठी और गैर मराठी दोनों पर ध्यान दे रही है.
- मराठी : 25 से 30 %
- उत्तर भारतीय : 22 से 25 %
- मुस्लिम : 20 से 21 %
- गुजराती, मारवाड़ी : 17%
- दक्षिण भारतीय, अन्य : 11%
मुंबई में सबसे ज्यादा मराठी वोटर
मुंबई में सबसे ज्यादा 25 से 30 फीसदी मतदाता मराठी समुदाय के हैं.शिवसेना शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट के साथ मनसे की नजर इसी वोटबैंक पर है. सेंट्रल मुंबई (दादर, परेल, लालबाग) से लेकर गिरगांव और उपनगरीय क्षेत्र के पुराने रिहायशी इलाकों में मराठी वोटरों की संख्या सबसे ज्यादा है. बीएमसी के 40 से 45 फीसदी पार्षद इसी वर्ग से ताल्लुक रखते हैं.
यूपी-बिहार का दबदबा
मराठियों के बाद मुंबई में सबसे ज्यादा 20 से 25 फीसदी उत्तर भारतीय वोटर हैं, जिसमें खासकर यूपी, बिहार के लोग हैं.कांदिवली, मलाड, मीरा भयंदर, कुर्ला, गोरेगांव, और घाटकोपर के इलाकों में उत्तर भारतीयों की अच्छी खासी तादाद है, जिनका झुकाव बीजेपी और कांग्रेस की तरफ रहा है.
मुंबई में मुस्लिम आबादी
मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में करीब 20 फीसदी मुस्लिम आबादी है. भिंडी बाजार, डोंगरी, कुर्ला, गोवंडी, शिवाजी नगर और मानखुर्द मुस्लिम बहुल इलाके हैं. कांग्रेस, सपा जैसे दलों की यहां पकड़ रही है. शिवसेना उद्धव ठाकरे ने इस बार काफी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं. AIMIM भी यहां ताल ठोंक रही है. BMC में करीब 30-35 पार्षद मुस्लिम समुदाय से चुने जाते हैं.
गुजराती और मारवाड़ी वोटर
गुजराती और मारवाड़ी वोटर करीब 15 से 18 फीसदी है. व्यापार, कारोबार क्षेत्र में अग्रणी ये समुदाय राजनीतिक रूप से भी काफी वर्चस्व रखता है. साउथ मुंबई का मालाबार हिल, मुलुंड, घाटकोपर और बोरीवली-कांदिवली बेल्ट में गुजराती मारवाड़ी बहुतायत हैं. एआईएमआईएम ने मु्स्लिम मेयर का मुद्दा उठाकर कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और सपा की टेंशन बढ़ा दी है.
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दादर से दहिसर तक मराठी इलाके
मुंबई में साउथ और सेंट्रल मुंबई मराठी बाहुल्य माना जाता है. दादर मुंबई का सबसे प्रमुख मराठी इलाका है, जहां शिवाजी पार्क मराठी राजनीति का गढ़ है. परेल और लालबाग का इलाका मिल मजदूरों की पहचान रहा है. यहां लालबागचा राजा गणेश उत्सव होता है.शिवड़ी और कालाचौकी में भी काफी मराठी भाषी हैं. गिरगांव, वरली बीडीडी चाल, भांडुप, चेंबूर, पूर्वी मुलुंड, विक्रोली और कांजुरमार्ग में मराठी काफी संख्या में हैं.विले पार्ले, बोरीवली और कांदिवली के चारकोप और गोराई में बड़ी मराठी आबादी है.अंधेरी और जोगेश्वरी में भी पुरानी बस्तियां हैं. दहिसर, कफ परेड, माहिम, वर्सोवा और सायन कोलीवाड़ा में भी मराठियों का बोलबाला है.
मराठी बाहुल्य वार्ड
- G North: दादर, धारावी, शिवाजी पार्क, और माहिम मुंबई में मराठी केंद्र
- F South : परेल, शिवड़ी, कालाचौकी, नायगांव और लालबाग गिरणी मिल मजदूरों का इलाका,
- G South : वर्ली,प्रभादेवी, लोअर परेल, वर्ली कोलीवाड़ा
- S Ward : भांडुप और विक्रोली, कांजुरमार्ग
- K East : विले पार्ले ईस्ट, अंधेरी ईस्ट का इलाका
- D Ward : गिरगांव और खेतवाड़ी
- T Ward : मुलुंड पूर्व का इलाका मराठी बाहुल्य
- R Central : बोरीवली और दहिसर के कई हिस्से मराठी भाषी
50 से 60 वार्ड में उत्तर भारतीयों का वर्चस्व
मुंबई के 227 वार्डों में से लगभग 50 से 60 वार्ड ऐसे हैं, जहां उत्तर भारतीय वोटर निर्णायक स्थिति में हैं. इसमें ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोग शामिल हैं, जो मुंबई की इकोनॉमी की रीढ़ माने जाते हैं. मुंबई में उत्तर भारतीयों को टारगेट करने की राजनीति मनसे जैसे दलों को उल्टी पड़ी है.
उत्तर भारतीय बहुल वार्ड
- P North (मालवणी-मलाड): यहां वार्ड नंबर 33, 48 और 163 जैसे इलाके में उत्तर भारतीय सर्वाधिक
- R South (कांदिवली): कांदिवली ईस्ट और वेस्ट के कई पॉकेट जैसे पोयसर और हनुमान नगर
- P South (गोरेगांव): आरे कॉलोनी और संतोष नगर में उत्तर भारतीय कामगार और मिडिल क्लास लोग
- L Ward (कुर्ला): कुर्ला के जरी-मरी, साकीनाका और बैल बाजार जैसे क्षेत्रों में घनी आबादी
- M East (गोवंडी, मानखुर्द): शिवाजी नगर और बैंगनवाड़ी में उत्तर भारतीय और मुस्लिम आबादी ज्यादा
- S Ward (भांडुप, पवई): पवई के कुछ झुग्गी झोपड़ी और भांडुप के कुछ एरिया में भी उत्तर भारतीय
- K East (अंधेरी ईस्ट): मरोल, गुंदावली और एमआईडीसी (MIDC) एरिया में भी नार्थ इंडियन
गुजराती और मारवाड़ी बहुल प्रमुख वार्ड
- R Central बोरीवली (वेस्ट), मगा ठाणे में गुजराती और मारवाड़ी ज्यादा
- R South कांदिवली (पश्चिम), महावीर नगर को मिनी गुजरात भी कहते हैं
- N Ward घाटकोपर (ईस्ट और वेस्ट)घाटकोपर इलाका गुजराती बहुल है
- T Ward मुलुंड (वेस्ट )मुलुंड गुजराती-मारवाड़ी आबादी वाला इलाका
- D Ward मालाबार हिल, ग्रांट रोड, वॉकहेश्वर
- C Ward कालबा देवी, भूलेश्वर, मरीन लाइंस पुराने गुजराती कारोबारी परिवारों का गढ़
- K West विले पार्ले (वेस्ट), जुहू, अंधेरी (वेस्ट) के कई हिस्सों में गुजराती- जैन समुदाय
मुंबई में मुस्लिमों की आबादी
बीएमसी के कई वार्डों में मुस्लिम आबादी 50 फीसदी से भी अधिक है. मुस्लिम वोटरों का सबसे अधिक प्रभाव दक्षिण मुंबई और पूर्वी उपनगरीय के मलिन बस्ती और घनी आबादी वाले इलाकों में है
मुस्लिम बहुल वार्ड
- M East गोवंडी, मानखुर्द, शिवाजी नगर में मुस्लिम आबादी सबसे घनी, सपा का गढ़
- L Ward कुर्ला, साकीनाका, जरी-मरीकुर्ला वेस्ट और साकीनाका के वार्ड
- B Ward डोंगरी, मोहम्मद अली रोड, भिंडी बाजार
- E Ward भायखला, मदनपुरा, नागपाड़ा, मदनपुरा और भायखला के वार्ड
- P North मालवणी (मलाड), मालवद मालवणी मुंबई
- H East बांद्रा (ईस्ट) में बेहरामपाड़ा, भारत नगर, मातोश्री के पास
दक्षिण भारतीय समुदाय
मायावी नगरी मुंबई में दक्षिण भारतीय राज्यों के लोग, ईसाई, पंजाबी सिख और दलित वोटर भी हैं. धारावी, माटुंगा और चेंबूर जैसे इलाकों में इनकी पकड़ है.दलित वोटरों पर रिपब्लिकन पार्टी (RPI) का भी प्रभाव है.बांद्रा, मझगांव और विले पार्ले में ईसाइयों की अच्छी संख्या हैं.
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