महाराष्ट्र के वाशिम जिले में सूखे और आर्थिक तंगी का संकट लगातार गहराता जा रहा है. हालात इतने गंभीर हैं कि पिछले 9 महीनों में जिले में 90 किसानों ने आत्महत्या कर ली. जिला कृषि विकास अधिकारी अभिजीत देवगीरीकर के अनुसार इन मामलों में अब तक केवल 23 परिवारों को सरकारी आर्थिक सहायता के लिए पात्र माना गया है. वहीं 35 मामलों को निर्धारित मानकों के आधार पर अयोग्य घोषित कर दिया गया है, जबकि 32 मामलों की जांच अभी जारी है.
एक महीने में 5 किसानों ने गंवाई जान
इस घटना में चिंता की बात यह है कि पिछले एक महीने के भीतर ही 5 किसानों ने अपनी जान गंवाई है. जिले के सभी छह तालुके सूखे की चपेट में हैं. बारिश की कमी और फसलों को हुए नुकसान ने किसानों की आय पर गहरा असर डाला है. खेती से होने वाली कमाई घटने और बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण कई परिवार मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं.
राहत की मांग तेज, स्थायी समाधान पर जोर
इस मामले में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और केंद्र सरकार की टीम भी जिले का दौरा कर चुकी है. इसके बावजूद किसानों और स्थानीय संगठनों का कहना है कि जमीनी स्तर पर राहत की गति पर्याप्त नहीं है. प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने, लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने और सूखे की समस्या से निपटने के लिए स्थायी समाधान लागू करने की मांग तेज हो गई है. वाशिम में बढ़ता किसान संकट अब सरकार और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनता जा रहा है.
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