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कौन बनेगा मायानगरी का नया 'नाथ'? मुंबई मेयर पद के लिए बीजेपी के 5 रत्नों में रेस!

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गढ़ कहे जाने वाले ठाणे में शिंदे सेना (75 सीटें) और बीजेपी (28 सीटें) ने मिलकर कब्जा किया है. यहाँ मेयर पद SC वर्ग के लिए आरक्षित है. आरक्षण की लॉटरी ने बीजेपी के कई दिग्गजों के सपनों पर पानी फेर दिया है, क्योंकि ठाणे में मेयर पद के लिए शिंदे सेना और बीजेपी के बीच कड़ी खींचतान चल रही थी.

कौन बनेगा मायानगरी का नया 'नाथ'? मुंबई मेयर पद के लिए बीजेपी के 5 रत्नों में रेस!
बीएमसी में किसका बनेगा मेयर
NDTV
मुंबई:

महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के नतीजे आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन शहरों का 'नया मेयर' कौन होगा? मंत्रालय में हुई आरक्षण की लॉटरी ने कई दिग्गजों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं, तो कई नए चेहरों के लिए रास्ते खोल दिए हैं.राज्य की 29 बड़ी महानगरपालिकाओं में मेयर पद के लिए आरक्षण की घोषणा हो चुकी है. इस बार महिला सशक्तिकरण की लहर साफ दिख रही है, क्योंकि कुल 29 में से 15 महानगरपालिकाओं में महिला मेयर चुनी जाएंगी. आइए जानते हैं किस शहर में क्या है समीकरण और कौन हैं मेयर पद की रेस में सबसे आगे...

मुंबई महानगरपालिका (BMC)

आरक्षण: महिला (सर्वसाधारण)
समीकरण: बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि शिंदे सेना के पास 29 सीटें हैं. बहुमत (114) का आंकड़ा पार करने के बाद अब मेयर बीजेपी का होगा या शिंदे सेना का, इस पर माथापच्ची जारी है.

महापौर पद के लिए बीजेपी के '5 रत्न'! बीजेपी की ओर से इन नामों पर मंथन चल रहा है

ऋतु तावड़े (उम्र: 53 वर्ष)
प्रोफाइल: घाटकोपर (प्रभाग 132) से दूसरी बार चुनाव जीती हैं.
ताकत: ऋतु तावड़े एक युवा मराठा चेहरा हैं. खास बात यह है कि उन्होंने गुजराती बहुल इलाके से जीत दर्ज की है, जिससे उनकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है. पार्टी के भीतर वे महापौर पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं.

अलका केरकर (उम्र: 73 वर्ष)

प्रोफाइल: प्रभाग 98 (बांद्रा-खार-सांताक्रुज वेस्ट) से पार्षद चुनी गई हैं.
ताकत: अलका केरकर बीजेपी की सबसे अनुभवी और निष्ठावान नेताओं में से एक हैं. यह उनकी पार्षद के तौर पर चौथी टर्म है. वे पहले उप-महापौर की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं, जिसका फायदा उन्हें मिल सकता है.

तेजस्वी घोसालकर (उम्र: 38 वर्ष)
प्रोफाइल: दहिसर से बीजेपी के टिकट पर बड़ी जीत हासिल की.
ताकत: चुनाव से ठीक पहले शिवसेना (UBT) छोड़ बीजेपी में शामिल हुईं तेजस्वी ने अपनी सीट पर 10,755 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है. दिवंगत अभिषेक घोसालकर की पत्नी और पूर्व विधायक विनोद घोसालकर की बहू होने के कारण वे राज्य भर में चर्चा का विषय रही हैं.

राजश्री शिरवाडकर और शीतल गंभीर
इन दोनों नेताओं के नामों की भी बीजेपी के गलियारों में काफी चर्चा है. राजश्री शिरवाडकर पार्टी की एक मजबूत और अनुभवी कार्यकर्ता के रूप में जानी जाती हैं, वहीं शीतल गंभीर के पास भी अच्छा राजनीतिक अनुभव है.

पुणे महानगरपालिका (PMC)
आरक्षण: महिला (सर्वसाधारण)
समीकरण: बीजेपी ने यहाँ 119 सीटें जीतकर क्लीन स्वीप किया है. यहाँ मेयर पद के लिए बीजेपी के भीतर ही इंटरनल वॉर की स्थिति है.

रेसर (संभावित नाम):
वर्षा तापकीर: खडकवासला से जीत की हैट्रिक लगाने वाली वर्षा का नाम सबसे आगे है.
स्वरदा बापट: दिवंगत दिग्गज नेता गिरीश बापट की बहू, सहानुभूति और विरासत का लाभ मिल सकता है.
रंजना टीलेकर: विधायक योगेश टिळेकर की माताजी और 5 बार की नगरसेविका, सबसे अनुभवी दावेदार.
मंजुषा नागपुरे: इस बार बिनविरोध चुनी गई हैं, पार्टी में भारी वजन.
मानसी देशपांडे और निवेदिता एकबोटे: राज्यमंत्री माधुरी मिसाल की करीबी मानसी भी रेस में शामिल हैं.

ठाणे महानगरपालिका (TMC)
आरक्षण: अनुसूचित जाति (SC - सर्वसाधारण)
समीकरण: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गढ़ कहे जाने वाले ठाणे में शिंदे सेना (75 सीटें) और बीजेपी (28 सीटें) ने मिलकर कब्जा किया है. यहाँ मेयर पद SC वर्ग के लिए आरक्षित है. आरक्षण की लॉटरी ने बीजेपी के कई दिग्गजों के सपनों पर पानी फेर दिया है, क्योंकि ठाणे में मेयर पद के लिए शिंदे सेना और बीजेपी के बीच कड़ी खींचतान चल रही थी. फिलहाल ठाणे में मेयर की रेस में शिंदे सेना की ओर से पद्मा भगत, वनीता घोगरे, विमल भोईर और आरती गायकवाड के नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, वहीं डॉ. दर्शना जानकर और गणेश कांबले भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. समीकरण साफ है कि ठाणे में शिंदे का दबदबा बरकरार है, लेकिन बीजेपी भी गठबंधन धर्म के तहत इस महत्वपूर्ण सीट पर अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश में जुटी है.

रेस में ये नाम सबसे आगे;

पद्मा भगत: इन्हें मेयर पद की सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है. पद्मा भगत अनुभवी हैं और संगठन में उनकी अच्छी पकड़ है.

वनीता घोगरे: पार्टी के प्रति वफादारी और क्षेत्रीय समीकरणों के चलते इनका नाम भी चर्चा के केंद्र में है.

आरती गायकवाड और विमल भोईर: ये दोनों महिला नगरसेविकाएं भी अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर रही हैं.

गणेश कांबले और डॉ. दर्शना जानकर: पुरुषों में गणेश कांबले का नाम चर्चा में है, वहीं डॉ. दर्शना जानकर अपने शिक्षित बैकग्राउंड की वजह से रेस में बनी हुई हैं.

नागपुर महानगरपालिका (NMC)
आरक्षण: महिला (सर्वसाधारण)
समीकरण: बीजेपी ने यहाँ 102 सीटों के साथ अपना परचम लहराया है. देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी के इस शहर में महिला मेयर का राज होगा.

रेस में सबसे आगे कौन?

शिवानी दाणी वखरे (प्रभाग 36): भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय पदाधिकारी रह चुकीं शिवानी दाणी इस रेस में सबसे हॉट कैंडिडेट मानी जा रही हैं. उनकी युवा छवि और संगठन में मजबूत पकड़ उनके पक्ष में जाती है.

अश्विनी जिचकार (प्रभाग 37): पूर्व मेयर अश्विनी जिचकार का अनुभव उन्हें फिर से इस कुर्सी तक पहुंचा सकता है. पार्टी के भीतर उनकी साख और कामकाज का तरीका उन्हें एक सुरक्षित विकल्प बनाता है.

विशाखा मोहोड (प्रभाग 35): प्रभाग 35 से जीत दर्ज करने वाली विशाखा मोहोड का नाम भी चर्चा के गलियारों में मजबूती से गूंज रहा है.

नीता ठाकरे (प्रभाग 28): पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय समीकरणों के हिसाब से नीता ठाकरे भी एक प्रबल दावेदार हैं.

इन नामों की भी है चर्चा; मेयर पद की इस लंबी लिस्ट में मनीषा अतकरे, संतोष लद्दा, वर्षा चौधरी, दिव्या धुरडे और भारती बुंदे जैसे नाम भी शामिल हैं. बीजेपी नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती एक ऐसे नाम को चुनने की है जो विकास कार्यों के साथ-साथ आगामी विधानसभा और अन्य चुनावों के लिए जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साध सके.

नाशिक महानगरपालिका (NMC)
आरक्षण: महिला (सर्वसाधारण)
समीकरण: कुंभनगरी नासिक में अब 'महिला राज' होने जा रहा है. आरक्षण की घोषणा के बाद बीजेपी के भीतर उन महिला चेहरों ने लॉबिंग शुरू कर दी है, जो लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रही हैं. आगामी कुंभ मेले को देखते हुए नासिक का महापौर पद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इसलिए पार्टी किसी अनुभवी चेहरे पर ही दांव लगाना चाहती है. यहाँ बीजेपी 72 सीटों के साथ मजबूत स्थिति में है.

इन 5 नामों की है सबसे ज्यादा चर्चा:

हिमगौरी आडके: बीजेपी के भीतर हिमगौरी आडके का नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरा है. उनकी संगठन पर पकड़ और अनुभव उन्हें रेस में सबसे आगे रखता है.

स्वाति भामरे: पार्टी की निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में पहचानी जाने वाली स्वाति भामरे के नाम पर भी गंभीरता से विचार हो रहा है.

रोहिणी पिंगले: अनुभवी पार्षद और स्थानीय समीकरणों में फिट बैठने के कारण रोहिणी पिंगले भी इस रेस में मजबूती से डटी हुई हैं.

माधुरी बोलकर: इनका नाम भी चर्चा के गलियारों में काफी चर्चा में है. पार्टी के एक बड़े धड़े का समर्थन इनके साथ बताया जा रहा है.

नवी मुंबई और कल्याण-डोंबिवली

नवी मुंबई (महिला सर्वसाधारण): यहाँ बीजेपी ने 65 सीटें जीती हैं. नेत्रा शिर्के का नाम सबसे ऊपर है क्योंकि वे 4 बार की नगरसेविका हैं. उनके साथ ही वैष्णवी नाईक और अंजना भोईर भी रेस में हैं.

कल्याण-डोंबिवली (ST आरक्षित): यहाँ मेयर पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हुआ है. समीकरण के अनुसार शिंदे सेना और बीजेपी मिलकर यहाँ फैसला लेंगे.

राज्य के 15 शहरों में 'पिंक पावर'!

इस बार की लॉटरी में मुंबई, पुणे, नागपुर, नाशिक, नवी मुंबई, मीरा-भाईंदर और धुले जैसे बड़े शहरों में महिला मेयर होंगी. कुल 29 में से 17 सीटें खुली श्रेणी (General) की हैं, जिनमें से 9 महिलाओं के लिए हैं. 8 सीटें OBC के लिए हैं (4 महिला) और 3 SC (2 महिला) और 1 ST के लिए आरक्षित है.

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