World Economic Forum Annual Meeting 2026 Davos: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य एक बार फिर दुनिया के बड़े निवेश मंच, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले एक साल में देश और विदेश, दोनों जगह लगातार निवेशकों से बातचीत की है, ताकि राज्य में उद्योग और रोजगार के नए अवसर बढ़ सकें. अब जनवरी में होने वाले दावोस दौरे के दौरान, मध्यप्रदेश दुनिया की बड़ी कंपनियों से मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, केमिकल इंडस्ट्री और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए संवाद करेगा और उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेगा.
दावोस, स्विट्ज़रलैंड में
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 12, 2026
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम - 2026 की वार्षिक बैठक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में
मध्यप्रदेश की सशक्त वैश्विक सहभागिता
🌍 दुनिया के निवेशकों से सीधा संवाद
🤝 वैश्विक साझेदारियों की ओर कदम
मध्यप्रदेश डेलीगेशन का त्रि-दिवसीय दौरा
📅 19–21 जनवरी 2026… pic.twitter.com/NnuvGNjlLE
इस बार की थीम क्या है?
इस वर्ष वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की थीम “A Spirit of Dialogue” रखी गई है, जो सहयोग और साझेदारी पर आधारित विकास मॉडल को रेखांकित करती है. इसी भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश अपनी सहभागिता के साथ दावोस में निवेश-केंद्रित संवाद, नीति प्रस्तुतिकरण और रणनीतिक साझेदारियों पर फोकस करेगा. लगभग पाँच वर्षों बाद राज्य सरकार की औपचारिक भागीदारी को वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की नई आर्थिक ऊर्जा और प्रशासनिक तत्परता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
वैश्विक संवाद | वैश्विक निवेश | वैश्विक अवसर
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 15, 2026
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की वार्षिक बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की सशक्त और प्रभावशाली वैश्विक सहभागिता
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CM मोहन इन सेक्टर पर तलाशेंगे निवेश
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निवेश नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया है. ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, त्वरित निर्णय प्रणाली और भूमि-आवंटन की सरल प्रक्रिया को दावोस में वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा. राज्य का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी विकसित करना है.
“लोकल टू ग्लोबल” रणनीति के तहत मध्यप्रदेश अपने संसाधनों और कुशल मानव-शक्ति को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
अदाणी ग्रुप के साथ-साथ इनसे भी होगी बात
दावोस एजेंडे में ऊर्जा और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में अदाणी समूह के साथ मुरैना विद्युत वितरण से जुड़े एमओयू, अदाणी डिफेंस के साथ रक्षा उत्पादन में सहयोग, स्विट्ज़रलैंड की शिवाग एजी को औद्योगिक भूमि आवंटन, डीपी वर्ल्ड (यूएई) के साथ स्ट्रेटेजिक लॉजिस्टिक्स हब और फ्रांस की सानोफी द्वारा भोपाल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे प्रस्ताव शामिल हैं. इसके साथ ही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सहयोग से मध्यप्रदेश में सेंटर फॉर फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन (C4IR) की स्थापना का प्रस्ताव भी इस दौरे का प्रमुख आकर्षण है.
राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे निवेश को आकर्षित करना है जो तकनीक, कौशल विकास और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दे. दावोस में यह सहभागिता मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद, नीति-स्थिर और दीर्घकालिक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
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