Gurkirat Singh Funeral Canada: मध्यप्रदेश के उज्जैन निवासी युवक गुरकीरत सिंह (Gurkirat Singh Murder) की कनाडा में हत्या (Indian Student Killed in Canada) के बाद शोकाकुल परिजनों से मिलने मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) उनके घर पहुंचे. देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी में मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से चर्चा कर संवेदना व्यक्त की. इस दौरान परिजनों ने गुरकीरत का अंतिम संस्कार (Gurkirat Singh Funeral) कनाडा में ही करने के लिए उसके दो भाइयों के त्वरित वीजा (Visa) और इससे जुड़े खर्च में सरकारी मदद की मांग की.

Ujjain News: परिवार के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव
कनाडा में पढ़ाई के दौरान हुई थी हत्या
परिजनों ने बताया कि व्यवसायी गुरजीत सिंह मनोचा के छोटे पुत्र गुरकीरत सिंह कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन, ब्रिटिश कोलंबिया स्थित नॉर्थन लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट में पोस्ट डिग्री डिप्लोमा कोर्स कर रहा था. 14 मार्च को वहां कुछ युवकों ने उसकी नृशंस हत्या कर दी. इस घटना से न केवल परिवार बल्कि पूरे सिख समाज में शोक की लहर फैल गई.
सीएम और सांसद ने दी सांत्वना
घटना की जानकारी मिलते ही मंगलवार को उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव क्रमशः मनोचा परिवार के घर पहुंचे. दोनों नेताओं ने गुरकीरत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया.
परिवार ने सौंपा आवेदन
इस दौरान गुरकीरत के पिता गुरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री और सांसद को एक आवेदन सौंपा. उन्होंने बताया कि वे अपने पुत्र का अंतिम संस्कार कनाडा में ही कर अस्थियां उज्जैन लाना चाहते हैं. इसके लिए गुरकीरत के बड़े भाई प्रभकीरत सिंह और कजिन साहेब सिंह का तुरंत वीजा कराया जाए. साथ ही आने‑जाने और वहां के अस्पताल संबंधी खर्च के लिए लगभग 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री और सांसद ने परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया.
इसलिए बदला अंतिम संस्कार का निर्णय
गौरतलब है कि गुरकीरत की मृत्यु के बाद परिवार पहले उसका पार्थिव शरीर उज्जैन लाकर अंतिम संस्कार करना चाहता था. लेकिन इस प्रक्रिया में करीब तीन सप्ताह का समय लगने और कनाडा सरकार को लगभग 35 लाख रुपये शुल्क चुकाने की जानकारी मिलने के बाद निर्णय बदला गया. इसके अलावा करीब 10 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च और दो सप्ताह का समय भी लगने की संभावना थी. इन्हीं कारणों से परिजनों ने कनाडा में ही अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया.
एजुकेशन लोन लेकर भेजा था बेटा
गुरजीत सिंह ने बताया कि वे किराए के मकान में रहते हैं और फूड इंडस्ट्री में काम कर परिवार का पालन‑पोषण करते हैं. बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्होंने शैक्षणिक ऋण लेकर गुरकीरत को कनाडा भेजा था. उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार और अन्य औपचारिकताओं के लिए उनके पास पर्याप्त राशि नहीं है, इसलिए शासन से मदद की गुहार लगाई गई है.
परिवार को मदद का भरोसा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और केंद्र सरकार व संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.
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