- सोशल मीडिया पर ईरान और हिज़्बुल्लाह द्वारा इजरायल के हाइफा पोर्ट पर मिसाइल हमले के दावे गलत साबित हुए हैं
- एनडीटीवी की टीम ने हाइफा पोर्ट का दौरा कर पाया कि पोर्ट पर माल ढुलाई और संचालन पूरी तरह सामान्य है
- हाइफा पोर्ट इजरायल-लेबनान बॉर्डर के नजदीक स्थित है और व्यापारिक गतिविधियों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है
ईरान-इजरायल की जंग लगातार बढ़ रही है. लोग मर रहे हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो रहा है, जंग में शामिल सभी देशों को जमकर नुकसान उठाना पड़ रहा है. सोशल मीडिया पर ये दावे किए जा रहे हैं कि इजरायल के हाइफा पोर्ट पर ईरान या हिज़्बुल्लाह की तरफ से मिसाइल हमला किया गया है. इन दावों की सच्चाई जानने के लिए एनडीटीवी की टीम इजरायल के हाइफा पोर्ट पहुंची. सच्चाई दावों के बिल्कुल उलट थी. पोर्ट पर जहाज हमेशा की तरह डॉक कर रहे थे, माल ढुलाई हो रही थी, क्रेनें काम में जुटी थीं. सभी काम बिना किसी रुकावट के हर दिन की तरह ही चल रहे थे. यानी कि सोशल मीडिया पर चल रहे मिसाइल दागे जाने के दावों में कोई सच्चाई नहीं निकली. ये महज अफवाह निकली.
इजरायल का हाइफा पोर्ट बिल्कुल सुरक्षित
अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने के बाद से हाइफा पोर्ट पहुंचने वाला एनडीटीवी पहला भारतीय न्यूज चैनल है. इज़रायल के उत्तरी भूमध्यसागरीय तट पर मौजूद यह पोर्ट इज़रायल-लेबनान बॉर्डर के बिल्कुल करीब है, जहां पिछले दिन एनडीटीवी ने इज़रायली सेना (आईडीएफ) की भारी गतिविधि के बीच रिपोर्टिंग की थी.
ये दोनों ही जगह तेल अवीव से रेल मार्ग से जुड़ी हुई हैं. यहां पहुंचने पर दोनों में अंतर साफ दिखाई देता है. हाइफा पोर्ट व्यापार की सामान्य गतिविधियों से गुलजार रहता है. हाइफा पोर्ट अनाज से लेकर कारों तक, हर तरह के माल की आवाजाही की जिम्मेदारी संभालता है. इनमें ज्यादातर वह सामान है, जो इजरायली लोगों की हर दिन की जरूरत का है.
#NDTVKachehri | हाइफा पर फैलाई जा रही तमाम अफवाहों की हकीकत क्या? देखिए NDTV की #EXCLUSIVE रिपोर्ट #MiddleEastCrisis #HaifaPort | @MinakshiKandwal | @AdityaRajKaul
— NDTV India (@ndtvindia) March 12, 2026
देखें LIVE: https://t.co/689WjV66bO pic.twitter.com/CVAYVdxIS8
ईरान हाइफा पर लगातार कर रहा हमले
ईरान इजरायल पर लगातार हमले कर रहा है. वह हाइफा शहर को भी निशाना बना रहा है, रात भर हाइफ़ा शहर के कुछ हिस्सों पर रॉकेट हमले हुए, लेकिन पोर्ट के बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. मतलब यह कि यहां कोई हमला नहीं हुआ. सब कुछ सुरक्षित है. हाइफ़ा पोर्ट के अध्यक्ष, कैप्टन सुमित चौहान ने खुद इस बात की पुष्टि एनडीटीवी के कैमरे पर की. उन्होंने बताया," जैसा कि आप हर तरफ देख और सुन सकते हैं, परिचालन सामान्य रूप से जारी है."
ये भी पढ़ें- बच्चों की मौत का लेंगे बदला... युद्ध किस ओर जाएगा ईरान के सुप्रीम लीडर ने दिए 5 संकेत
उन्होंने पोर्ट को "भूमध्य सागर में भारत-मिडिल ईस्ट यूरोप इकॉनोमिक कोरिडोर " का आधार बताते हुए कहा कि जंग बढ़ने के साथ ही बंदरगाह ने भी अपनी परिचालन प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव किए, लेकिन ऑपरेशन में कोई बाधा नहीं आने दी. उन्होंने आगे कहा कि पोर्ट कर्मचारियों की सुरक्षा प्राथमिकता बनी हुई है. ये उनके धैर्य और दृढ़ता के बिना संभव ही नहीं होता.

हाइफा पोर्ट इजरायल के लिए कितना जरूरी?
सुमित चौहान ने कहा कि हाइफ़ा पोर्ट को भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी का एक बहुत ही अहम हिस्सा है. यह बंदरगाह इजरायल के लिए रणनीतिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है. यह अलग-अलग तरह के माल का संचालन करता है. 12 मार्च को इजरायली सेना ने बेरूत में कई हमले शुरू किए. उन्होंने लेबनानी राजधानी के एक केंद्रीय इलाके के लोगों को इमारत को निशाना बनाए जाने की चेतावनी पहले ही दे दी थी.
इजरायली सना ने एक बयान में कहा, "आईडीएफ ने बेरूत भर में हिज़्बुल्लाह के आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाते हुए कई हमले शुरू किए." बता दें कि सेना ने ये जवाबी हमला हिज़्बुल्लाह द्वारा बुधवार को इजरायल के खिलाफ एक नए अभियान की घोषणा के बाद शुरू किया. हमले के बाद सामने आई तस्वीरों में बेरूत के मिडिल में मौजूद बशूरा के ऊपर आसमान में काला धुआं उठता हुआ देखा गया. बशूरा शहर का बहुत ही बिजी इलाका है, जो बेरूत के व्यावसायिक केंद्र के पास है. यहां पर कई बड़ी कंपनियां और सरकारी संस्थान मौजूद हैं. इजरायली सेना ने कहा कि हिजबुल्लाह ने करीब 200 रॉकेट और 20 ड्रोन उनकी तरफ दागे, जो जंग की शुरुआत के बाद से उसका सबसे बड़ा हमला था.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं