Missing Case: सतना जिले से सामने आया एक मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. यहां एक महिला के लापता होने के 50 से ज्यादा दिन बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है, जबकि पीड़ित पति का आरोप है कि पत्नी की तलाश के नाम पर उसे बिना नतीजे के हजारों रुपये खर्च करने पड़े. पीड़ित का दावा है कि पुलिस ने गोवा में लोकेशन मिलने की बात कहकर उसे वहां ले जाने के लिए मजबूर किया, लेकिन न तो महिला मिली और न कोई ठोस जानकारी हाथ लगी. अब दोबारा गोवा जाने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे पीड़ित और भी परेशान है.
11 मार्च से लापता है महिला
पीड़ित पति के अनुसार उसकी पत्नी 11 मार्च से लापता है. लगातार खोजबीन के बाद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो उसने सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई. पीड़ित को उम्मीद थी कि पुलिस लगातार जांच कर उसकी पत्नी को ढूंढ निकालेगी, लेकिन उसका आरोप है कि शुरुआती दिनों में मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया.
जांच में जुड़ा ‘गोवा कनेक्शन'
कुछ दिन बीतने के बाद पुलिस की ओर से पीड़ित को बताया गया कि उसकी पत्नी की लोकेशन गोवा में मिली है. एक पुलिसकर्मी ने भरोसा दिलाया कि वहां जाकर तलाश करने से सफलता मिल सकती है. इसके बाद पीड़ित अपने खर्च पर गोवा गया. सफर, ठहरने और अन्य खर्चों को मिलाकर करीब 65 हजार रुपये खर्च हो गए, लेकिन पत्नी का कोई पता नहीं चला.

Missing Case: सतना लापता महिला मामला पुलिस पर आरोप
हजारों खर्च हुए, नतीजा शून्य
पीड़ित का कहना है कि गोवा में कई दिन तक खोजबीन की गई, लेकिन न तो पत्नी से जुड़ा कोई पुख्ता सबूत मिला और न ही पुलिस कोई ठोस जानकारी दे सकी. आखिरकार उसे निराश होकर वापस लौटना पड़ा. पत्नी अब भी लापता है और परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है.
दोबारा गोवा जाने का दबाव
हैरानी की बात यहीं खत्म नहीं होती. पीड़ित का आरोप है कि पहली यात्रा के विफल होने के बावजूद पुलिस अब फिर से गोवा जाने को कह रही है और टिकट बुक कराने का दबाव बना रही है. कथित तौर पर उसे कहा गया कि अगर पत्नी को ढूंढना है तो खर्च तो उसे ही उठाना पड़ेगा. इस रवैये से पीड़ित खुद को असहाय महसूस कर रहा है.
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत
पुलिस से निराश होकर पीड़ित ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है (शिकायत क्रमांक 38015990). शिकायत में पुलिस पर लापरवाही, जांच में देरी और मानसिक‑आर्थिक दबाव डालने के आरोप लगाए गए हैं. रिकॉर्ड के अनुसार 28 अप्रैल को शिकायत दर्ज हुई और 30 अप्रैल को पीड़ित ने जल्द कार्रवाई की मांग दोहराई.
तीन बच्चों का पिता, न्याय की गुहार
लोकलाज के कारण पीड़ित ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया है. तीन बच्चों के पिता इस व्यक्ति का कहना है कि अगर जल्द उसकी मदद नहीं की गई तो वह मामले को उच्च स्तर पर ले जाकर न्याय की मांग करेगा. यह मामला अब सिर्फ एक गुमशुदगी नहीं, बल्कि पुलिस की जवाबदेही और आम आदमी के साथ व्यवहार पर बड़ा सवाल बन गया है.
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