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अधिकमास की मासिक शिवरात्रि आज, जानिए भोलेनाथ की पूजा का शुभ समय, पूजन विधि और व्रत के नियम

आज 13 जून, शनिवार को अधिकमास की मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं आज भोलेनाथ की पूजा करने का सबसे शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, साथ ही जानेंगे पूजा करने की विधि.

अधिकमास की मासिक शिवरात्रि आज, जानिए भोलेनाथ की पूजा का शुभ समय, पूजन विधि और व्रत के नियम
अधिकमास की शिवरात्रि आज, जानें भोलेनाथ की पूजा का शुभ मुहूर्त
(P.C- NDTV)

हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि इस पावन दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यह पावन व्रत रखा जाता है. आज अधिकमास की मासिक शिवरात्रि है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार,  ज्येष्ठ अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 13 जून की शाम 4 बजकर 7 मिनट से शुरू होकर 14 जून को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगी. निशिता काल को ध्यान में रखते हुए मासिक शिवरात्रि का व्रत 13 जून को रखा जा रहा है.

पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, 13 जून को दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से होगी, जो सुबह 4:08 बजे से 4:56 बजे तक रहेगा. यह समय ध्यान, जप और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा. हालांकि, शिवरात्रि की पूजा के लिए निशिता काल सबसे श्रेष्ठ माना गया है. इस दिन निशिता काल रात 12 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा. शिव भक्त इस समय भगवान शिव की विशेष पूजा कर सकते हैं.

ऐसे करें भोलेनाथ की पूजा
  • मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. 
  • इसके बाद भगवान शिव का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें.
  • शिवलिंग का जल या गंगाजल से अभिषेक करें. 
  • भगवान शिव को दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा और सफेद पुष्प अर्पित करें. 
  • शक्कर और घी से बने मिष्ठान का भोग लगाएं.
  • पूजा के दौरान शिव मंत्रों का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें. 
  • अंत में घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें.
व्रत के नियम

मासिक शिवरात्रि के दिन कई श्रद्धालु निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं. अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार व्रत रखा जा सकता है. व्रत के दौरान क्रोध, झूठ और विवाद से दूर रहने की सलाह दी जाती है. अगले दिन विधि-विधान से पूजा करने के बाद व्रत का पारण करें. 

मान्यता है कि आज के दिन सच्चे मन से की गई शिव भक्ति से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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