मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील स्थित गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांव में जहरीली व नकली शराब पीने से 10 व्यक्तियों की मौत हो गई. इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. मामला सामने आने के बाद से जिला प्रशासन से लेकर सरकार एक्टिव हुई.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश पर शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की और सागर के तीन आबकारी अधिकारियों, बंडा थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि नीरजा श्रीवास्तव उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी को सागर से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है. आबकारी आयुक्त दीपक कुमार सक्सेना ने भी पुष्टि की है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है और मामले की विस्तृत विभागीय जांच की जा रही है.
इन अफसरों को किया गया निलंबित
- कीर्ति दुबे - सहायक आयुक्त आबकारी, सागर
- दिलीप खंडाते - सहायक जिला आबकारी अधिकारी, सागर
- प्रोशनी उरेती - आबकारी उप-निरीक्षक, वृत्त बंडा
- थाना प्रभारी - बंडा पुलिस स्टेशन
- चौकी प्रभारी - गूगरा पुलिस चौकी
सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे कड़े निर्देश
मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- "मैंने जिले के प्रभारी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. जांच के बाद आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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