- मध्य प्रदेश के सागर जिले के बराज गांव में कथित जहरीली शराब पीने से 6 से अधिक लोगों की मौत हुई है.
- पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच और निरीक्षण कर रहे हैं.
- शराब ठेकेदार की नकली शराब की शिकायत के बावजूद आबकारी विभाग ने अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं की.
मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां बंडा तहसील के बराज गांव में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से नौ से अधिक लोगों की मौत होने की खबर ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया है. वहीं कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. शनिवार और रविवार की दरमियानी रात हुई इस घटना के बाद गांव में शोक और भय का माहौल है. एक साथ कई लोगों की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई. इस बीच कुछ समय पहले नकली शराब को लेकर की गई शिकायतों के सामने आने से मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है.
बराज गांव में हुई घटना से मचा हड़कंप
बंडा थाना क्षेत्र के बराज गांव में शनिवार देर रात कई लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौत होने की सूचना सामने आई. शुरुआती जानकारी में मामला कथित जहरीली शराब से जुड़ा बताया जा रहा है. घटना की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रशासनिक अमले को तत्काल मौके पर रवाना किया.
एसपी और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया समेत पुलिस और प्रशासन की टीम गांव पहुंची. अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि पीड़ितों ने क्या सेवन किया था और किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई.
शिकायत के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं
इस घटना के बाद जिले में अवैध और नकली शराब के कारोबार को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. जानकारी के अनुसार हाल ही में एक शराब ठेकेदार ने आबकारी विभाग को "बाम्बे व्हिस्की" नाम से कथित नकली शराब की बिक्री की शिकायत दी थी. आरोप है कि शिकायत मिलने के बावजूद इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
बैठक में भी उठा था अवैध शराब का मुद्दा
बताया जा रहा है कि करीब चार दिन पहले आयोजित आबकारी विभाग की बैठक में लाइसेंसी ठेकेदारों ने भी जिले में नकली और अवैध शराब की बिक्री का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया था. इस दौरान विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया था. अब मौतों की घटना के बाद विभाग की निगरानी व्यवस्था और कार्रवाई को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी पुष्टि
प्रशासन का कहना है कि मौतों के कारणों को लेकर फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता. मृतकों के पोस्टमार्टम और अन्य वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौतें जहरीली या नकली शराब के सेवन से हुई हैं या इसके पीछे कोई अन्य वजह है.
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है. शराब कहां से लाई गई, किसके माध्यम से उपलब्ध हुई और मृतकों ने वास्तव में क्या सेवन किया था, इसकी पड़ताल की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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