- सागर शराब कांड में सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई
- SDOP और TI के बाद अब पूरे थाना स्टाफ पर एक्शन
- 53 लोगों पर केस, 34 गिरफ्तार; जांच का दायरा बढ़ा
मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई 20 मौतों के मामले में कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रशासन ने अब बंडा थाने के पूरे स्टाफ को लाइन अटैच कर दिया है. इससे पहले SDOP और थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई की जा चुकी है. शुरुआती जांच में लंबे समय से इलाके में अवैध शराब कारोबार संचालित होने और समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोप सामने आए हैं. मामले को लेकर पुलिस, आबकारी विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में आ गई है.
पूरा स्टाफ लाइन अटैच
सागर के बंडा क्षेत्र में हुए जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे बंडा थाना स्टाफ को लाइन अटैच कर दिया है. इससे पहले क्षेत्र के SDOP और थाना प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी थी.
जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इलाके में अवैध शराब का कारोबार कितने समय से चल रहा था और क्या स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को पहले से थी. रिपोर्टों के मुताबिक मामले में अब तक 53 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जा चुका है, जबकि 34 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है.

सागर जहरीली शराब कांड के मास्टरमाइंड
दो मास्टरमाइंड अब भी फरार, नेपाल तक पहुंची पुलिस
इस मामले में दो मुख्य आरोपी मनीष लोधी और सिद्धार्थ कुशवाहा अब भी पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर हैं. पुलिस की कई टीमें इन दोनों की तलाश में दिन-रात जुटी हुई हैं, लेकिन आरोपी हर बार लोकेशन बदलकर फरार हो जा रहे हैं.
इसी तरह दूसरे आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा की लोकेशन गुजरात के अहमदाबाद में ट्रेस हुई थी. पुलिस ने वहां भी दबिश दी, लेकिन वहां भी टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा. बताया जा रहा है कि सिद्धार्थ को पुलिस के आने की भनक पहले ही लग गई थी और वह वहां से भी फरार हो गया.

जहरीली शराब के मास्टरमाइंड
नेपाल भागने का इनपुट, बैंक अकाउंट सीज
अब पुलिस को एक नया इनपुट मिला है जिसने मामले को और पेचीदा बना दिया है. खुफिया जानकारी के अनुसार आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा देश छोड़कर नेपाल भाग गया है. इस इनपुट के बाद पुलिस ने अपनी तलाश का दायरा बढ़ा दिया है और नेपाल में भी अपने सोर्स के जरिए उसकी तलाश शुरू कर दी है. वहीं पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए उनके बैंक अकाउंट सीज कर दिए हैं. पुलिस को आशंका है कि आरोपी इन्हीं खातों के जरिए अपने नेटवर्क को चला रहे थे और फरारी के दौरान पैसों का लेन-देन कर रहे थे. अकाउंट सीज होने से अब उनकी आर्थिक रूप से घेराबंदी भी शुरू हो गई है.
कच्चे माल और बोतल सप्लायर की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस की जांच अब सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है. पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है, जिन्होंने इन आरोपियों को जहरीली शराब बनाने के लिए कच्चा माल (स्प्रिट) और खाली बोतलें सप्लाई की थीं. जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बड़े पैमाने पर नकली ब्रांड की बोतलें और रैपर खरीदे थे और अवैध रूप से फैक्ट्री संचालित कर जहरीली शराब तैयार की जा रही थी. इस पूरे नेटवर्क में कई स्थानीय सप्लायरों के शामिल होने की आशंका है, जिनकी पहचान कर उन पर भी कार्रवाई की तैयारी है.
किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा : एसपी
जांच अब शराब के पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और स्थानीय स्तर पर संभावित संरक्षण की भूमिका पर केंद्रित है. सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि जहरीली शराब कांड में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. फरार आरोपियों के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को इन आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें.
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