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अजब-गजब आदेश; रायपुर पुलिस कमिश्नर ने गोगो पेपर बैन किया; पूर्व CM भूपेश बघेल का तंज- शराब की जगह चखने पर बैन

Raipur Police Commissioner Order: पुलिस कमिश्नर रायपुर द्वारा जारी आदेश में 29 मार्च 2026 तक गोगो पेपर, चिलम, सिगरेट रोलिंग पेपर और कोन पेपर जैसी सामग्री की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर रोक लगाई गई है. आदेश में कहा गया है कि ये सामग्री अक्सर नशीले पदार्थों के सेवन में प्रयुक्त होती है, इसलिए एहतियाती कदम के रूप में कार्रवाई की जा रही है.

अजब-गजब आदेश; रायपुर पुलिस कमिश्नर ने गोगो पेपर बैन किया; पूर्व CM भूपेश बघेल का तंज- शराब की जगह चखने पर बैन
CG News: अजब-गजब आदेश; रायपुर पुलिस कमिश्नर ने गोगो पेपर बैन किया; पूर्व CM भूपेश बघेल का तंज- शराब की जगह चखने पर बैन

Raipur Police Commissioner System: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur) में गोगो पेपर (Gogo Paper) और धूम्रपान सामग्री की बिक्री पर प्रतिबंध के आदेश को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी करते हुए कहा कि यह आदेश साबित करता है कि सरकार खुद मान रही है कि शहर में नशे का सेवन बड़े पैमाने पर हो रहा है. बघेल ने पूछा कि नशे की मूल वजहों पर रोक लगाने के लिए सरकार क्या कर रही है?

पुलिस कमिश्नर रायपुर के आदेश में क्या कुछ है?

पुलिस कमिश्नर रायपुर द्वारा जारी आदेश में 29 मार्च 2026 तक गोगो पेपर, चिलम, सिगरेट रोलिंग पेपर और कोन पेपर जैसी सामग्री की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर रोक लगाई गई है. आदेश में कहा गया है कि ये सामग्री अक्सर नशीले पदार्थों के सेवन में प्रयुक्त होती है, इसलिए एहतियाती कदम के रूप में कार्रवाई की जा रही है.

पूर्व सीएम की प्रतिक्रिया

इसी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए लिखा है कि  “यह तो वैसा ही है जैसे शराब पीने से रोकने के लिए ग्लास की बिक्री बंद कर दी जाए.” उन्होंने कहा कि सरकार यदि वास्तव में नशे पर अंकुश लगाना चाहती है, तो नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर सख्त कार्रवाई करे, न कि सिर्फ सहायक सामग्री को निशाना बनाए.

बघेल ने आदेश की अस्थायी अवधि को लेकर भी तंज कसा. “इसे स्थायी आदेश क्यों नहीं बनाया गया? केवल दो महीने के लिए लागू करने का क्या तुक है?” उन्होंने सवाल उठाया. साथ ही आदेश में लिखे वाक्य “यदि बीच में वापस न लिया गया” पर भी टिप्पणी करते हुए पूछा कि वह कौन है जो आदेश को बीच में रद्द कर सकता है?

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ इसकी चपेट में है. “यदि सरकार गंभीर है, तो गंभीर आदेश जारी करे. मीडिया में सुर्खियाँ बटोरने के लिए उसके पास और भी कई तरीके हैं.” उधर, पुलिस का कहना है कि प्रतिबंध शहर में बढ़ रही नशे की गतिविधियों को रोकने की दिशा में उठाया गया अल्पकालिक कदम है, और इसका उल्लंघन करने पर धारा 163 के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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