Pushp Mahotsav Bhopal: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने भोपाल के गुलाब उद्यान में आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव का शुभारंभ करते हुए इसकी अवधि एक दिन से बढ़ाकर तीन दिन करने की घोषणा करते हुए कहा कि पुष्प केवल प्रकृति की सुंदर कृतियाँ नहीं हैं, बल्कि हमारे भावों की सशक्त अभिव्यक्ति भी हैं. जन्म से लेकर जीवन के हर शुभ अवसर पर फूल हमारी भावनाओं को अभिव्यक्त करते हैं. आज यही फूल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण उद्यमिता को मजबूती देने और राज्य की निर्यात क्षमता को बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं. उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश के फूलों की सुगंध अब पेरिस और लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँच रही है.
'पुष्प' प्रकृति के साथ हमारे भावों की सुंदर और सशक्त अभिव्यक्ति हैं। देश में पुष्प उत्पादन में अग्रणी मध्यप्रदेश के 'फूल' अब विदेश में भी अपनी सुंगध बिखेरेंगे। जल्द ही निर्यात किये जाएंगे।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 30, 2026
भोपाल में 'कृषक कल्याण वर्ष-2026' में आज शासकीय गुलाब उद्यान में राज्य स्तरीय पुष्प… pic.twitter.com/GirVRpQYRd
किसानों और नर्सरी संचालकों से की बातचीत
शुक्रवार को लिंक रोड-1 स्थित शासकीय गुलाब उद्यान में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदर्शनों का अवलोकन किया. इस दौरान उन्होंने किसानों, नर्सरी संचालकों और पुष्प प्रेमियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं व सुझाव सुने. मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में आयोजित विभिन्न वर्गों की प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए और उद्यानिकी विभाग के ब्रोशर का विमोचन किया. कार्यक्रम में प्रदेश में उद्यानिकी गतिविधियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई.
"राज्य सरकार किसानों को पुष्प उत्पादन के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और अनुदान प्रदान कर रही है"
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 30, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में किया राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव का शुभारंभ@DrMohanYadav51 @horticulturemp #CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/mOm4ulzSqZ
पुष्प उत्पादन से बढ़ रही किसानों की आय, 40 हजार किसान जुड़े
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव किसानों को व्यवसायिक स्तर पर फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है. प्रदेश में 40 हजार से अधिक किसान पुष्प उत्पादन से जुड़े हैं और 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है. हर साल लाखों टन फूल गुजरात, महाराष्ट्र और विदेशों तक भेजे जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक खेती के तरीके और अनुदान उपलब्ध करा रही है, जिससे उनकी नकद आय में निरंतर वृद्धि हो रही है.
मध्यप्रदेश देश का दूसरा सर्वाधिक पुष्प उत्पादक राज्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2021-22 तक जहां प्रदेश में 37 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती होती थी, वहीं अब यह बढ़कर 44 हजार हेक्टेयर हो गया है. प्रदेश का कुल पुष्प उत्पादन 86 लाख टन तक पहुँच चुका है, जिसके कारण मध्यप्रदेश देश का दूसरा सबसे बड़ा पुष्प उत्पादक राज्य बन गया है. उनका कहना था कि मध्यप्रदेश के किसान सिर्फ फूल नहीं उगा रहे, बल्कि अपने मन के भाव दुनिया के दूसरे कोनों तक भेज रहे हैं.
किसानों को मिल रहा बेहतर समर्थन मूल्य, कई क्षेत्रों में बढ़ रहे अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सोयाबीन किसानों को भावांतर राशि हस्तांतरित की जा रही है और किसानों को गेहूं का 2600 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य दिया जा रहा है. उन्होंने आशा व्यक्त की कि वर्ष 2026 में यह मूल्य 2700 रुपये और 2030 तक 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुँच सकता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों के लिए उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्यपालन और अन्य क्षेत्रों में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं, जिससे किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है.
सूक्ष्म सिंचाई और उद्यम योजना में मिल रही है सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि के आधार स्तंभ सिंचाई को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं में पर्याप्त अनुदान दे रही है. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्यान्न उद्यम योजना (PMFME) के माध्यम से हितग्राहियों को 45 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है. किसानों को पॉली हाउस और शेडनेट हाउस स्थापित करने में भी अनुदान दिया जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादन में विविधता और अवसर बढ़ रहे हैं.
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