विज्ञापन

बढ़ते कर्ज़ के बीच मंदिरों पर कैंची? 22,098 मंदिर और घटता बजट, तीन साल में दो-तिहाई कम हुआ जीर्णोद्धार फंड

MP Temple: मध्यप्रदेश में 22,098 शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार के बजट में पिछले तीन साल में लगभग 66% की कटौती हुई है. 2023‑24 में 12 करोड़ का बजट घटकर 2025‑26 में 4 करोड़ रह गया. विपक्ष इसे धार्मिक विरासत पर वित्तीय प्रहार बता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि फंड लगातार उपलब्ध कराया जाता है.

बढ़ते कर्ज़ के बीच मंदिरों पर कैंची? 22,098 मंदिर और घटता बजट, तीन साल में दो-तिहाई कम हुआ जीर्णोद्धार फंड

MP Temple: मध्यप्रदेश की धार्मिक समृद्धि के दावों के बीच विधानसभा में पेश आंकड़ों ने एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने रख दी है. प्रदेश में जहां 2 ज्योर्तिलिंग, 4 शक्तिपीठ और हजारों प्राचीन मंदिर आस्था का केंद्र हैं, वहीं मंदिरों के जीर्णोद्धार का बजट तीन साल में लगभग दो-तिहाई घट गया है.

मध्यप्रदेश विधानसभा में दिए गए लिखित जवाब के अनुसार 2023-24 में मंदिरों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए ₹12,05,73,610 स्वीकृत हुए थे और ₹11,99,73,610 जारी किए गए. अगले ही वर्ष 2024-25 में यह राशि घटकर ₹8,35,73,367 स्वीकृत और ₹8,28,55,367 जारी रह गई. और 2025-26 में गिरावट और तेज हो गई इस साल ₹4,11,90,059 स्वीकृत और ₹3,98,58,679 जारी किए गए.

तीन साल में स्वीकृत राशि में लगभग ₹7.94 करोड़ की कमी, और जारी राशि में लगभग ₹8 करोड़ की गिरावट दर्ज हुई. प्रतिशत के लिहाज़ से देखें तो यह करीब 66-67% की कटौती है यानी जो बजट 12 करोड़ के करीब था, वह सिमटकर 4 करोड़ के आसपास रह गया.

मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक भैरों सिंह बापू के जवाब में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रदेश में 22,098 शासन संधारित मंदिरों के रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर है. इनमें से 2,536 मंदिर अकेले उज्जैन जिले में हैं जो सबसे अधिक मंदिरों वाला जिला है. इतने विशाल धार्मिक नेटवर्क के बावजूद जीर्णोद्धार बजट में लगातार गिरावट कई सवाल खड़े कर रही है? क्या 4 करोड़ रुपये में 22 हजार मंदिरों का संरक्षण संभव है? क्या अब केवल चुनिंदा मंदिरों तक ही काम सीमित रहेगा? 

MP Temple Renovation Budget

MP Temple Renovation Budget

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग धर्मेन्द्र लोधी ने विधानसभा में कहा था, “धार्मिक दृष्टि से मध्यप्रदेश अत्यंत समृद्ध प्रदेश है. प्रदेश में 22,000 से अधिक शासन संधारित मंदिर हैं. इन मंदिरों के संरक्षण, संधारण और जीर्णोद्धार के लिये सरकार निरंतर काम कर रही है.”

मंत्री ने यह भी बताया कि पुजारियों के मानदेय के रूप में ₹21 करोड़ 96 लाख दिए गए और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पर ₹42 करोड़ खर्च कर प्रयागराज, अयोध्या, काशी, कामाख्या जैसे तीर्थों की यात्राएं कराई गईं.

हालांकि जब एनडीटीवी ने बजट में गिरावट को लेकर सवाल किया, तो मंत्री ने कहा कि “मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 25 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जाती है” और यह कहना कि बजट घटाया गया है, सही नहीं है.

यह कटौती ऐसे समय में हुई है जब मध्यप्रदेश का सार्वजनिक कर्ज़ लगातार बढ़ रहा है और उधारी का बोझ हर साल ऊपर जा रहा है. बढ़ते वित्तीय दबाव के बीच मंदिर रेनोवेशन बजट में कमी को विपक्ष “धार्मिक विरासत पर वित्तीय प्रहार” बता रहा है.

सरकार का तर्क है कि सभी मंदिरों को सीधे सरकारी फंड नहीं दिया जाता और कई मंदिर धार्मिक ट्रस्टों के अधीन हैं. लेकिन तथ्य यह है कि जिन मंदिरों की जिम्मेदारी सीधे राज्य पर है, उनके लिए स्वीकृत और जारी राशि में लगातार गिरावट दर्ज हुई है.

कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने तीखा हमला करते हुए कहा क‍ि “बीजेपी की सरकार भगवान, धर्म और मंदिरों से भी छल कर रही है. 12 करोड़ का बजट घटकर 4 करोड़ रह गया. दो-तिहाई कटौती कर दी गई और कहते हैं सेवा कर रहे हैं. सरकार को बताना चाहिए कि असली प्राथमिकता क्या है?” 

भोपाल चिनार ड्रीम सिटी में फिर लिफ्ट हादसा, 10 दिन तक शव पर चलती रही लिफ्ट, अब छठी मंजिल से गिरी; दो घायल

लेखक के बारे में
img
अनुराग द्वारी
Resident Editor, MP and Chhattisgarh
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Bhopal, Madhya Pradesh, Budget
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com