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ईरान हमले पर दुनिया दो-फाड़, किसी ने ट्रंप को कोसा तो किसी ने दी महाविनाश की चेतावनी, देखें World Reactions

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों को लेकर वैश्विक ताकतें दो गुटों में बंट गई हैं. कई देश ईरान को दोषी बता रहे हैं तो रूस जैसे देश ट्रंप की जिद को जिम्मेदार बताते हुए परमाणु तबाही की आशंका जता रहे हैं.

ईरान हमले पर दुनिया दो-फाड़, किसी ने ट्रंप को कोसा तो किसी ने दी महाविनाश की चेतावनी, देखें World Reactions
  • रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका-इजरायल ईरान में सरकार बदलने का एजेंडा थोपना चाहते हैं
  • नॉर्वे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक प्रिवेंटिव हमला तभी हो सकता है जब खतरा सिर पर हो
  • फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने हालात को बेहद खतरनाक बताते हुए UNSC की इमरजेंसी मीटिंग की मांग की
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ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पूरी दुनिया में खलबली मच गई है. इससे पूरे मिडिल ईस्ट के जंग की चपेट में आने का खतरा पैदा हो गया है. इसे लेकर वैश्विक ताकतें भी दो गुटों में बंट गई हैं. कई देश इसके लिए ईरान को दोषी बता रहे हैं तो रूस जैसे देश अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की जिद को जिम्मेदार बताते हुए परमाणु तबाही की आशंका जता रहे हैं. आइए बताते हैं कि युद्ध को लेकर किसने क्या कहा- 

रूसः अपना एजेंडा थोप रहे US-इजरायल

रूसी विदेश मंत्रालय ने ईरान पर हमले की निंदा करते हुए अमेरिका को आड़े हाथ लिया. पुतिन सरकार के मंत्रालय ने बयान में कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम की आड़ में अमेरिका और इजरायल दरअसल वहां सरकार बदलने का अपना एजेंडा थोपना चाहते हैं. मंत्रालय ने तुरंत युद्ध रोकने की मांग करते हुए कहा कि इसकी वजह से पूरे मिडिल ईस्ट में मानवीय, आर्थिक और संभवतः रेडियोलॉजिकल (परमाणु) तबाही पैदा हो सकती है.  

मेदवेदेवः शांतिदूत वाला चेहरा बेनकाब

रूस के पूर्व राष्ट्रपति और सुरक्षा परिषद के डिप्टी चेयरमैन दिमित्री मेदवेदेव ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा है कि 'शांतिदूत' ने एक बार फिर से अपना असली चेहरा दिखा दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रही वार्ता महज दिखावा थी. हकीकत में कोई भी समझौता नहीं करना चाहता था. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका महज 249 साल पुराना देश है, जबकि फारसी साम्राज्य की जड़ें 2500 साल से ज्यादा पुरानी हैं. देखते हैं कि 100 साल बाद कौन बचता है.

नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे ने इजरायल के प्रिवेंटिव स्ट्राइक की दलील को खारिज करते हुए कहा कि ये हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कानून कहता है कि प्रिवेंटिव हमला तभी किया जा सकता है जब खतरा बिल्कुल सिर पर हो.

फ्रांस: महायुद्ध के गंभीर परिणाम होंगे

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मिडिल ईस्ट के हालात को बेहद खतरनाक बताते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की है. मैक्रों ने कहा कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी ये जंग अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा है. उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब अपना परमाणु व मिसाइल कार्यक्रम बंद करने और ईमानदारी से बातचीत के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. 

ब्रिटेनः बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका

ब्रिटेन सरकार को डर है कि ये सैन्य कार्रवाई एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकती है. ब्रिटेन ने बहरीन, कुवैत, कतर और यूएई में मौजूद अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है. 

डोनाल्ड ट्रंप, अयातुल्ला अली खामेनेई और नेतन्याहू

देखें- US-Israel Iran War : जिनेवा में शांति की बात और अब हमला, 48 घंटे में ऐसा क्या हुआ कि छिड़ गया महायुद्ध?

स्पेनः अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करें

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने युद्ध रोकने की मांग करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह सम्मान किया जाना चाहिए और युद्ध को आगे बढ़ने से रोका जाना चाहिए. 

यूक्रेनः ईरान में दमन असली वजह 

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने इस हालात के लिए ईरान सरकार को जिम्मेदार ठहराया. यूक्रेन का कहना है कि ईरान सरकार ने पिछले कुछ महीनों में देश में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमन की कार्रवाई की, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे लोगों पर हिंसा की, हत्याएं कीं, वही मौजूदा स्थिति का असली कारण है. 

कतरः हमें जवाब देने का अधिकार

कतर ने अपने देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमले की निंदा करते हुए कहा कि वह उसे अपनी सीमा में हुए ईरानी हमले का जवाब देने का पूरा अधिकार है. 

देखें- अमेरिका-इजरायल Vs ईरान महायुद्ध में कौन से हथियार मचा रहे तबाही, लिस्ट देख रह जाएंगे दंग

जॉर्डनः अपनी सीमाओं की रक्षा करेंगे

जॉर्डन की सरकार ने भी तनाव कम करने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि वह अपनी सीमाओं और हितों की पूरी ताकत से रक्षा करेगा. जॉर्डन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस संघर्ष का हिस्सा नहीं है.

लेबनानः युद्ध में नहीं उतरेंगे

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने मौजूदा हालात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि वह लेबनान को किसी भी ऐसे दुस्साहस में खींचने की इजाजत नहीं देंगे, जो देश की सुरक्षा और एकता के लिए खतरा बने. 

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने अमेरिका-इजरायल के हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई दोनों की कड़ी निंदा की. उन्होंने सभी पक्षों को संयम बरतने और होश से काम लेने की अपील करते हुए चेताया कि आगे और हमले हुए तो इसका नतीजा सिर्फ मौत, विनाश और दर्द के रूप में ही सामने आएगा. 

यूरोपीय आयोगः परमाणु सुरक्षा जरूरी

यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने युद्ध के हालात को बेहद खतरनाक बताते हुए कहा कि इस जंग में ईरान के परमाणु केंद्र निशाने पर हैं, उनकी सुरक्षा करना बेहद जरूरी है. 

ICRC: चेन रिएक्शन का डर

रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति (ICRC) ने चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट में यह सैन्य तनाव एक खतरनाक चेन रिएक्शन शुरू कर रहा है, जिसके विनाशकारी नतीजे आम लोगों को भुगतने होंगे. 

Latest and Breaking News on NDTV

अफ्रीकी संघः तत्काल युद्धविराम हो

अफ्रीकी संघ ने तत्काल युद्धविराम और बातचीत की अपील की है. उसका कहना है कि इस युद्ध का असर अफ्रीकी महाद्वीप की स्थिरता और वहां के लोगों पर भी पड़ सकता है.

रजा पहलवीः आखिरी जीत करीब

ईरान के आखिरी शाह के बेटे रजा पहलवी ने हमलों के बाद दावा किया कि "आखिरी जीत" करीब है. निर्वासन में रह रहे पहलवी ने कहा कि एकजुट होकर हम ईरान को फिर से हासिल कर सकते हैं और इसे नया रूप दे सकते हैं. 

ये भी देखें- ईरान का भीषण पलटवार, मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 5th Fleet समेत इन ठिकानों को बनाया निशाना

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