विज्ञापन

मानसूनी बाढ़ से पहले अलर्ट मोड पर SDERF-होमगार्ड्स, बोट और संसाधन तैयार; भिंड में जवानों की कमी बनी चुनौती

भिंड में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए होमगार्ड्स और SDERF ने 9 बोट, लाइफ जैकेट और रेस्क्यू उपकरण तैयार कर लिए हैं. हालांकि 35 से अधिक जवानों की कमी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.

मानसूनी बाढ़ से पहले अलर्ट मोड पर SDERF-होमगार्ड्स, बोट और संसाधन तैयार; भिंड में जवानों की कमी बनी चुनौती
भिंड में बाढ़ से पहले अलर्ट मोड पर होमगार्ड्स, बोट और संसाधन तैयार; जवानों की कमी बनी चुनौती

Monsoon Season Flood Preparedness: मानसून के आगमन के साथ ही भिंड जिले में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. चंबल, सिंध और क्वारी जैसी नदियों के कारण हर साल बाढ़ प्रभावित रहने वाले जिले में इस बार प्रशासन पहले से ज्यादा सतर्क नजर आ रहा है. कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश पर होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ (SDERF) ने राहत और बचाव कार्यों के लिए बोट, लाइफ जैकेट और अन्य जरूरी उपकरणों को तैयार करना शुरू कर दिया है. हालांकि संसाधनों की उपलब्धता राहत देने वाली है, लेकिन विभाग प्रशिक्षित जवानों की कमी से जूझ रहा है. करीब 35 से अधिक होमगार्ड जवानों की कमी ने बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों के बीच नई चिंता खड़ी कर दी है.

मानसून से पहले तेज हुई तैयारियां

भिंड जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. विभाग की ओर से सभी संसाधनों की समीक्षा की जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके. कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश पर तकनीकी उपकरणों, मोटर बोट और अन्य बचाव संसाधनों की जांच एवं मरम्मत का काम भी तेजी से किया जा रहा है.

Flood Preparedness: बाढ़ से पहले तैयारी करते हुए जवान

Flood Preparedness: बाढ़ से पहले तैयारी करते हुए जवान

9 बोट और जरूरी उपकरण पूरी तरह तैयार

विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ बचाव कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता फिलहाल पर्याप्त है. वर्तमान में विभाग के पास 3 रबर बोट, 3 फाइबर बोट, 3 अन्य तैयार बोट सहित कुल 9 बोट उपलब्ध हैं. इसके अलावा लाइफ जैकेट, रस्सियां, टॉर्च, फ्लड रेस्क्यू किट और अन्य आवश्यक उपकरण भी पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं. मोटर बोटों की मरम्मत और तकनीकी परीक्षण का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है.

जवानों की कमी बनी सबसे बड़ी चुनौती

जहां उपकरणों की कोई कमी नहीं है, वहीं विभाग प्रशिक्षित जवानों की कमी से चिंतित है. जानकारी के अनुसार जिले में 35 से अधिक होमगार्ड जवानों की कमी है.

प्लाटून कमांडेंट ब्रजमोहन सिंह के अनुसार पहले आपदा प्रबंधन के लिए चार से पांच रेस्क्यू टीमें बनाई जाती थीं. प्रत्येक टीम में छह-छह प्रशिक्षित जवान तैनात रहते थे, लेकिन वर्तमान में पर्याप्त बल उपलब्ध नहीं है.

यही कारण है कि विभाग को इस बार सीमित मानव संसाधनों के साथ राहत और बचाव कार्यों की रणनीति बनानी पड़ रही है.

Flood Preparedness: आदेश की कॉपी

Flood Preparedness: आदेश की कॉपी

50 वर्ष से कम आयु के जवानों को मैदान में उतारने की तैयारी

स्थिति को देखते हुए होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मुख्यालय ने सभी जिला इकाइयों को विशेष निर्देश जारी किए हैं. निर्देशों के अनुसार विभिन्न विभागों में ड्यूटी कर रहे 50 वर्ष से कम आयु वाले होमगार्ड जवानों को जरूरत पड़ने पर वापस बुलाया जाएगा और उन्हें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा. उद्देश्य यह है कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा सके.

हर साल बाढ़ की मार झेलता है भिंड

भिंड जिले की भौगोलिक स्थिति इसे बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील बनाती है. मानसून के दौरान चंबल, सिंध, क्वारी और अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों और निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है. कई बार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए विशेष रेस्क्यू अभियान चलाने पड़ते हैं. इसी अनुभव को देखते हुए प्रशासन इस बार पहले से तैयार रहने की कोशिश कर रहा है.

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

विभाग ने स्पष्ट किया है कि आपदा प्रबंधन कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी अधिकारियों और जवानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. आपदा के दौरान जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें : सिवनी के जम्बो सीताफल को GI टैग, 200 ग्राम से 1 KG तक वजन; 3 हजार आदिवासी परिवारों व किसानों को होगा फायदा

यह भी पढ़ें : 5960 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी; बेटियों के विवाह से लेकर स्कूल अपग्रेडेशन तक, मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले

यह भी पढ़ें : CBG नीति 2026 को मंजूरी; साय कैबिनेट का फैसला- कचरे से हर साल 5 लाख टन बायो गैस, ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार

यह भी पढ़ें : अल नीनो से निपटने के लिए ICAR-CRIDA का कंटींजेंसी प्लान तैयार; शिवराज सिंह ने कहा संकट से घबराना नहीं

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Flood, Monsoon Alert, Bhind News, MP News, Disaster Management
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com