Mahtari Vandan Yojana Registration: छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है. महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) के तहत नई पात्र महिलाओं के पंजीयन के लिए जल्द ही पोर्टल दोबारा खोला जा सकता है. महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इसके संकेत दिए हैं. जानकारी के अनुसार आगामी 15 दिनों के भीतर योजना का पोर्टल फिर से शुरू किया जा सकता है, जिससे अब तक योजना से वंचित पात्र विवाहित महिलाओं को आवेदन का अवसर मिलेगा. सरकार की प्राथमिकता बस्तर संभाग से इसकी शुरुआत करने की बताई जा रही है. योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं.
नई हितग्राहियों के लिए खुलेगा रजिस्ट्रेशन का रास्ता
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने संकेत दिए हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत नए पात्र हितग्राहियों के पंजीयन के लिए पोर्टल दोबारा शुरू किया जाएगा. बताया जा रहा है कि आगामी 15 दिनों के भीतर इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है. पोर्टल खुलने के बाद वे महिलाएं आवेदन कर सकेंगी, जो किसी कारणवश पहले योजना का लाभ लेने से वंचित रह गई थीं.
छत्तीसगढ़ की मेरी माताओं-बहनों के स्वाभिमान और सम्मान का अभिनंदन
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) June 13, 2024
"महतारी वंदन योजना"
आज हमारे सरकार के 6 महीने पूर्ण हुए। प्रदेश की मातृ शक्ति को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हमारी सरकार में महतारी वंदन योजना चल रही है। महिला सशक्तीकरण के लिए हम कृत संकल्पित… pic.twitter.com/W6ek5ePNQ7
बस्तर संभाग से हो सकती है शुरुआत
सरकारी सूत्रों के अनुसार योजना के नए पंजीयन चरण की शुरुआत बस्तर संभाग से किए जाने पर विचार हो रहा है. बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं अब भी योजना से बाहर हैं. ऐसे में सरकार वहां पहले लाभ पहुंचाने की तैयारी कर रही है.

Mahtari Vandan Yojana Registration: महतारी वंदन योजना में जल्द शुरू होंगे आवेदन
अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित
राज्य सरकार के अनुसार महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है. अब तक 28 किस्तों के माध्यम से कुल 18,165.19 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित किए जा चुके हैं. सरकार का दावा है कि योजना महिलाओं की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है.
आर्थिक सहायता से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास
नारायणपुर जिले के गोहाड़ा गांव की गंडाय वडडे जैसी महिलाओं के लिए यह योजना बड़ा सहारा साबित हुई है. परिवार की सीमित आय के बीच मिलने वाली मासिक सहायता से वे बच्चों की पढ़ाई, राशन और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं. इससे उनके आत्मविश्वास और परिवार में निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ी है.
दूरस्थ इलाकों तक पहुंच रहा लाभ
सुकमा जिले के उसकेवाया गांव की हूंगी माड़वी के लिए भी यह योजना जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है. मजदूरी पर निर्भर परिवार में हर महीने मिलने वाली सहायता राशि से बच्चों के पोषण, राशन और घरेलू जरूरतों की व्यवस्था आसान हुई है. दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह योजना आर्थिक सुरक्षा का आधार बन रही है.
स्वरोजगार की दिशा में भी बढ़ रहे कदम
सरकार का कहना है कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित कर रही है. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की हेमा सिंह ने योजना से प्राप्त राशि बचाकर किराना दुकान शुरू की. वहीं सरगुजा जिले की करियो ने बकरी पालन का व्यवसाय शुरू किया, जो अब परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है.
शिक्षा और भविष्य निर्माण में मिल रही मदद
मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड की गौरी राजपूत योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग अपनी शिक्षा जारी रखने में कर रही हैं. ऐसी कई महिलाएं हैं जो इस राशि का उपयोग पढ़ाई, स्वरोजगार, बचत और छोटे व्यवसायों में निवेश के लिए कर रही हैं.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सीधे मिलेगी राशि
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था फिर लागू की जा रही है. उन्होंने कहा कि पहले यह प्रणाली लागू थी, लेकिन बाद में इसमें बदलाव हुआ. अब पुनः सीधे खातों में भुगतान की व्यवस्था शुरू की जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
यह भी पढ़ें : महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त हो चुकी है जारी; क्या आपके खाते में आए 1000 रुपए? ऐसे करें तुरंत चेक
यह भी पढ़ें : मोबाइल नेटवर्क संकट: राशन, अटेंडेंस व एंबुलेंस बुलाने के लिए चढ़ते हैं पहाड़; मैहर के गांवों की दर्दभरी कहानी
यह भी पढ़ें : 3 महीने से बच्चों का पोषण आहार बंद : करोड़ों की योजनाओं पर सवाल, विदिशा समेत 8 जिलों में कुपोषण का संकट
यह भी पढ़ें : पत्नी को डांटने पर बेटे ने कर दी पिता की हत्या; रस्सियों से बांधकर रखा, सूरजपुर में दिल दहला देने वाली क्रूरता
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं