विज्ञापन

100 करोड़ के रत्नजड़ित गहनों से सजे राधा-कृष्ण! पहली झलक पाकर भाव-विभोर हुए भक्त; बारिश भी नहीं रोक सकी आस्था

ग्वालियर के 104 साल पुराने गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी 2026 पर राधा-कृष्ण का 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के रत्नजड़ित गहनों से भव्य श्रृंगार किया. हीरे, मोती, पन्ना और माणिक से सजे भगवान के दिव्य दर्शन के लिए बारिश के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी.

100 करोड़ के रत्नजड़ित गहनों से सजे राधा-कृष्ण! पहली झलक पाकर भाव-विभोर हुए भक्त; बारिश भी नहीं रोक सकी आस्था
  • ग्वालियर के 104 साल पुराने गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी पर राधा-कृष्ण को करोड़ों रुपये के आभूषण पहनाए जाते हैं.
  • जन्माष्टमी के दिन ही मंदिर में हीरे, मोती, पन्ना और माणिक जैसे बहुमूल्य आभूषणों से भगवान का श्रृंगार होता है.
  • आभूषणों को बैंक लॉकर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत मंदिर लाकर सावधानीपूर्वक मिलान के बाद श्रृंगार किया.

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ग्वालियर का ऐतिहासिक गोपाल मंदिर एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और भव्यता का केंद्र बन गया. करीब 104 साल पुराने इस मंदिर में साल में सिर्फ एक दिन, जन्माष्टमी पर ही राधा-कृष्ण को करोड़ों रुपये मूल्य के दुर्लभ रत्नजड़ित आभूषणों से श्रृंगारित किया जाता है. इस बार भी भगवान का अलौकिक श्रृंगार देखने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं. बारिश के बावजूद हजारों भक्त मंदिर पहुंचे और राधा-कृष्ण के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस किया.

104 साल पुरानी परंपरा का विशेष महत्व

ग्वालियर के गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव हमेशा खास माना जाता है. यहां वर्ष में केवल एक बार भगवान राधा-कृष्ण को हीरे, मोती, पन्ना और माणिक जैसे बहुमूल्य रत्नों से जड़े आभूषण पहनाए जाते हैं. इन आभूषणों की प्राचीन और ऐतिहासिक विरासत होने के कारण उनकी अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जाती है. इसी वजह से हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अनोखे दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं.

बैंक लॉकर से निकाले गए बहुमूल्य आभूषण

जन्माष्टमी के अवसर पर कड़ी सुरक्षा के बीच आभूषणों को बैंक लॉकर से मंदिर लाया. प्रशासनिक अधिकारियों, मंदिर समिति और पुलिस की मौजूदगी में सभी आभूषणों का सावधानीपूर्वक मिलान किया. इसके बाद भगवान राधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया. पूरी प्रक्रिया तय नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुसार संपन्न हुई.

Latest and Breaking News on NDTV

पट खुलते ही गूंज उठा पूरा मंदिर परिसर

मंदिर के पट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग चुकी थीं. जैसे ही आरती के साथ पट खोले गए, पूरा परिसर "राधे-श्याम" और "जय श्रीकृष्ण" के जयकारों से गूंज उठा. हर कोई भगवान के भव्य और आकर्षक स्वरूप की पहली झलक पाने को उत्सुक नजर आया. जिन श्रद्धालुओं को दर्शन हुए, उनके चेहरे पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दे रहा था.

भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

नगर निगम और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की थीं. मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में साफ-सफाई, रोशनी, पार्किंग और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए. दिनभर पुलिस बल और प्रशासनिक अमला तैनात रहा, ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो.

Latest and Breaking News on NDTV

नगर निगम आयुक्त ने दी जानकारी

नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी आभूषणों को बैंक लॉकर से सुरक्षित तरीके से निकाला. मंदिर समिति की मौजूदगी में प्रत्येक आभूषण का मिलान किया और सभी वस्तुएं सही स्थिति में पाई गईं. इसके बाद उन्हीं आभूषणों से राधा रानी और भगवान कृष्ण का श्रृंगार किया. उन्होंने बताया कि दर्शन समाप्त होने के बाद सभी आभूषणों को फिर से सुरक्षित रूप से लॉकर में जमा कराया जाएगा.

महापौर ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

ग्वालियर की महापौर शोभा सिकरवार ने कहा कि जन्माष्टमी पूरे शहर के लिए आस्था और उत्सव का पर्व है. उन्होंने कहा कि भगवान राधा-कृष्ण का करोड़ों रुपये के बहुमूल्य गहनों से श्रृंगार किया है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. महापौर ने सभी शहरवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की. 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Janmashtami Celebration 2026, Radha Krishna Bhakti, Krishna Janmashtami News, Viral Temple Photos, Lord Krishna 108 Names
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com