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20 दिन की बच्ची को मां से छीनकर बंदरों ने कुएं में फेंका, डाइपर और CPR से ऐसे बची नवजात की जान

Monkey Attack: बच्ची को लेकर बंदर तेजी से पास के पेड़ पर चढ़ गया. परिजन और ग्रामीण उसे डराने और बच्ची को छुड़ाने के लिए शोर मचाने लगे, पत्थर फेंके और फटाखे जलाए. तभी घबराकर बंदर ने बच्ची को नीचे फेंक दिया, जो सीधे पास के कुएं में जा गिरी.

20 दिन की बच्ची को मां से छीनकर बंदरों ने कुएं में फेंका, डाइपर और CPR से ऐसे बची नवजात की जान
Monkey Attack: 20 दिन की बच्ची को मां से छीनकर बंदरों ने कुएं में फेंका, डाइपर और CPR से ऐसे बची नवजात की जान

Monkey Attack Janjgir Champa: छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा (Janjgir Champa) में एक चौंकाने वाली घटना सामने आयी है, जहां मां की गोद से 20 दिन की नवजात बच्ची को बंदर (Monkey Attack) द्वारा छीनकर कुएं में फेंक दिया गया. घटना के बाद मौके पर चीख‑पुकार और अफरा‑तफरी मच गई. ग्रामीणों की तत्परता और समय पर मिले प्राथमिक उपचार से बच्ची की जान बच गई. फिलहाल बच्ची की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अरविंद राठौर और उनकी पत्नी सुनीता राठौर को करीब 20 दिन पहले संतान की प्राप्ति हुई थी. घटना के समय मां अपनी बच्ची को गोद में लेकर घर के पास टहल रही थी. इसी दौरान 4‑5 बंदरों का झुंड आसपास की छतों और पेड़ों पर उछलकूद कर रहा था. अचानक एक बंदर ने झपट्टा मारते हुए मां की गोद से बच्ची को छीन लिया.

Monkey Attack: बंदर का हमला

Monkey Attack: बंदर का हमला

पेड़ पर चढ़ा बंदर, ग्रामीणों ने किए ऐसे प्रयास

बच्ची को लेकर बंदर तेजी से पास के पेड़ पर चढ़ गया. परिजन और ग्रामीण उसे डराने और बच्ची को छुड़ाने के लिए शोर मचाने लगे, पत्थर फेंके और फटाखे जलाए. तभी घबराकर बंदर ने बच्ची को नीचे फेंक दिया, जो सीधे पास के कुएं में जा गिरी.

डाइपर बना ‘लाइफ जैकेट', टली बड़ी अनहोनी

जिस कुएं में बच्ची गिरी, उसमें पानी भरा हुआ था. ऐसे में डूबने का खतरा बेहद ज्यादा था, लेकिन बच्ची को पहनाए गए डाइपर में फंसी हवा ने लाइफ जैकेट की तरह काम किया और वह कुछ देर तक पानी की सतह पर रही. ग्रामीणों ने तुरंत बच्ची को कुएं से बाहर निकाला.

Monkey Attack: हॉस्पिटल में नवजात

Monkey Attack: हॉस्पिटल में नवजात

नर्स ने दिया सीपीआर, बची मासूम की जान

इसी बीच गांव सिवनी में चल रही भागवत कथा सुनने आई राजेश्वरी राठौर, जो सारागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स हैं, मौके पर पहुंचीं. उन्होंने बच्ची को सीपीआर दिया और प्राथमिक उपचार किया. इसके बाद परिजन बच्ची को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे.

अस्पताल में इलाज जारी, बच्ची खतरे से बाहर

डॉक्टरों के अनुसार समय पर उपचार मिलने से बच्ची की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर है. घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है. लोगों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.

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