इंदौर में एटीएम में नकदी भरने वाली कंपनी के दो कर्मचारियों द्वारा भरोसे को ठेस पहुंचाने का मामला सामने आया है. ऑनलाइन सट्टे की लत में डूबे दोनों कर्मचारियों ने एटीएम में कैश लोडिंग के दौरान धीरे-धीरे लाखों रुपये का गबन कर लिया. मामला तब उजागर हुआ जब कैश मैनेजमेंट सेवा देने वाली कंपनी के ऑडिट में करीब 40 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आई. जांच के बाद कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर लसूडिया थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपियों ने रकम गबन कर ऑनलाइन सट्टे में लगाने की बात स्वीकार की है. अब पुलिस के सामने राशि की रिकवरी बड़ी चुनौती बन गई है.
कैश लोडिंग के दौरान की लाखों की हेराफेरी
इंदौर की लसूडिया थाना पुलिस ने सीएमएस कंपनी के दो कर्मचारियों अभिषेक राजपूत और दीपक को धोखाधड़ी और गबन के आरोप में गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी एटीएम मशीनों में नकदी भरने का काम करते थे. पुलिस जांच में सामने आया कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए समय-समय पर एटीएम में डाली जाने वाली रकम में से थोड़ी-थोड़ी राशि निकालना शुरू कर दिया.

Indore ATM Fraud: पकड़े गए आरोपी
ऑडिट में खुली 40 लाख रुपये की गड़बड़ी
कंपनी को शुरुआत में किसी तरह का संदेह नहीं हुआ क्योंकि आरोपी एक साथ बड़ी रकम निकालने के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में नकदी निकालते रहे. जब कंपनी ने नियमित ऑडिट कराया, तब रिकॉर्ड और वास्तविक नकदी में अंतर दिखाई दिया. जांच में करीब 40 लाख रुपये की कमी सामने आई. इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने मामले की शिकायत पुलिस से की.
पूरी रकम ऑनलाइन सट्टे में हारने का दावा
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया. आरोपियों ने बताया कि वे ऑनलाइन सट्टेबाजी के आदी हो चुके थे. शुरुआत में उन्होंने सट्टे में पैसे कमाने की उम्मीद से छोटी रकम लगाई, लेकिन नुकसान होने पर लगातार और अधिक पैसे लगाते गए. इसी लालच और नुकसान की भरपाई के प्रयास में उन्होंने कंपनी की रकम का गबन किया. आरोपियों का दावा है कि गबन की गई पूरी राशि ऑनलाइन सट्टे में हार गए.
रिकवरी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती
मामले में गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती 40 लाख रुपये की रिकवरी की है. चूंकि आरोपी रकम सट्टेबाजी में गंवाने की बात कह रहे हैं, इसलिए यह पता लगाया जा रहा है कि पैसा किन प्लेटफॉर्मों और खातों में गया. पुलिस वित्तीय लेनदेन और बैंक खातों की भी जांच कर रही है.
सट्टे के नेटवर्क की भी होगी जांच
जांच एजेंसियां केवल गबन तक ही सीमित नहीं रहना चाहतीं. पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि आरोपी किन ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल कर रहे थे और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है. यदि जांच में अवैध सट्टा रैकेट या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है.
एसीपी ने की कार्रवाई की पुष्टि
मामले को लेकर एसीपी पराग सैनी ने बताया कि कंपनी की शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और गबन की गई राशि के उपयोग, बैंक ट्रांजैक्शन तथा ऑनलाइन सट्टे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है.
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