- हरदा जिले में संस्कार स्कूल की बस का स्टीयरिंग फेल होने से अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में गिर गई.
- हादसे के समय बस में कई स्कूली बच्चे सवार थे, जिन्हें स्थानीय लोगों और स्कूल स्टाफ ने सुरक्षित बाहर निकाला.
- दुर्घटना में कोई जनहानी नहीं हुई, लेकिन कुछ बच्चों को मामूली चोटें आईं और उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है.
एमपी के हरदा जिले के नांद्रागांव में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. संस्कार स्कूल की बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती (गड्ढे) में जा गिरी. उस समय बस में कई स्कूली बच्चे सवार थे. शुरुआती जानकारी के अनुसार बस का स्टीयरिंग फेल हो गया था, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका. राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी बच्चे की जान नहीं गई, हालांकि कुछ बच्चों को चोटें आई हैं और उनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है. घटना के बाद परिजनों में नाराजगी है और वे स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं.
स्टीयरिंग फेल होने से हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, संस्कार स्कूल की बस रोज की तरह बच्चों को लेकर जा रही थी. इसी दौरान नांद्रागांव के पास बस का स्टीयरिंग अचानक जवाब दे गया. चालक ने बस को संभालने की कोशिश की, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में उतर गया. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े.
बस में सवार थे कई स्कूली बच्चे
हादसे के समय बस में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे मौजूद थे. दुर्घटना के बाद बच्चों में डर का माहौल बन गया. कई बच्चे घबरा गए और रोने लगे. स्थानीय लोगों और स्कूल स्टाफ की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. कुछ बच्चों को मामूली चोटें आने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया.
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर उठाए सवाल
हादसे के बाद बच्चों के परिजनों ने स्कूल बसों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उनका आरोप है कि बसों की तकनीकी स्थिति लंबे समय से ठीक नहीं है और शिकायतें किए जाने के बावजूद सुधार नहीं किया गया. परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान दिया जाता तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी.
बस में सवार छात्रा तन्वी ने बताया कि पिछले साल भी इसी तरह की बस से उन्हें सफर करना पड़ा था. उन्होंने कहा कि कई बार स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों से शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. छात्रा के अनुसार हादसे के समय स्टीयरिंग में खराबी आने के बाद बस खंती में गिर गई, जिससे बच्चे काफी डर गए.
पालकों ने जताई बड़ी चिंता
एक पालक मनोज सिरोही ने कहा कि हर साल ऐसी बसें बच्चों के लिए भेजी जाती हैं. उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद वाहनों की स्थिति में सुधार नहीं किया जाता. उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो भविष्य में कोई और बड़ा हादसा हो सकता है.
अस्पताल में चल रहा उपचार
जिला अस्पताल के डॉक्टर धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि दुर्घटना के बाद कुछ बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल लाया गया है. बच्चों को मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चों की हालत सामान्य है और किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं