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VIDEO: टूटकर जमीन पर गिरा 'अन्नदाता', कलेक्टर के सामने फूट-फूट कर रोया 

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में जनसुनवाई के दौरान एक किसान कलेक्टर ऑफिस में फूट-फूट कर रो पड़ा. किसान ने बिजली विभाग पर बिना अनुमति जमीन पर 33 केवी लाइन डालने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं.

VIDEO: टूटकर जमीन पर गिरा 'अन्नदाता', कलेक्टर के सामने फूट-फूट कर रोया 

Harda Farmer Crying Video: वीडियो में दिख रहा ये मंजर किसी भी इंसान को झकझोर देने के लिए काफी है. एक ‘अन्नदाता' कलेक्टर ऑफिस में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के सामने ही टूटकर जमीन पर गिर जाता है और फूट-फूट कर रोने लगता है. ये दृश्य मध्य प्रदेश के हरदा जिले में जनसुनवाई का है. यहां एक किसान अपनी जमीन बचाने के लिए गुहार लगाता नजर आ रहा है. किसान ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए.

हरदा से आनंद गौर की रिपोर्ट...

जनसुनवाई में टूट गया किसान का सब्र

हरदा जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में खेड़ी महमूदाबाद के किसान माखनलाल शर्मा और शंभूदयाल शर्मा अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे. लेकिन अपनी बात रखते-रखते उनका सब्र जवाब दे गया और वे फूट-फूट कर रो पड़े. हालत इतनी बिगड़ गई कि एक किसान वहीं जमीन पर गिर गए. वहां मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था. इस दौरान कलेक्टर सिद्धार्थ जैन भी वहीं मौजूद थे. 

बिजली विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

किसान ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर पहले से ही बिजली के खंभे और लाइन मौजूद हैं, इसके बावजूद जबरन नई 33 केवी लाइन निकाली जा रही है. उनका कहना है कि बिना उनकी अनुमति और बिना किसी मुआवजे के ठेकेदार और अधिकारी खेत में काम करवा रहे हैं.

कोर्ट में मामला, फिर भी जारी काम

पीड़ित किसान ने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर कोर्ट में केस पहले से चल रहा है और जल्द ही इसकी पेशी होने वाली है. इसके बावजूद विभाग की ओर से काम रोका नहीं गया. किसानों के मुताबिक, यह पूरी तरह से नियमों की अनदेखी है.

मानसिक दबाव और परिवार की परेशानी

माखनलाल शर्मा ने बताया कि उनका परिवार पहले ही बड़ी परेशानी से गुजर रहा है. परिवार का एक सदस्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है. ऐसे में विभाग की तरफ से लगातार दबाव और कथित धमकियों ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है. किसान का कहना है कि वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं.

किसान की अपील- न्याय मिलने तक रोका जाए काम

किसान माखनलाल शर्मा ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई कि जब तक कोर्ट में सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक बिजली लाइन का काम रोका जाए. उनका आरोप है कि ठेकेदार और अधिकारियों द्वारा दबंगई की जा रही है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है.

प्रशासन ने लिया संज्ञान

इस पूरे मामले पर जिला पंचायत CEO अंजली जोसेफ ने बताया कि किसानों की शिकायत मिल गई है. उन्होंने कहा कि बिजली विभाग से जुड़े मुद्दों को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है, ताकि मामले की जांच की जा सके और उचित कार्रवाई हो.

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