Census 2027 Duty: ग्वालियर जिले में एक मई से जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है, लेकिन जनगणना ड्यूटी से बचने के लिए सरकारी कर्मचारी आईएएस और आईपीएस अफसरों के साथ-साथ मंत्री और विधायक के चक्कर लगा रहे हैं. कर्मचारी और अधिकारी जनगणना ड्यूटी से अपना नाम कटवाने की सिफारिश करवा रहें हैं, जिससे दबाव आए जनगणना से जुड़े अधिकारियों ने जिले में 'नो लीव' पॉलिसी लागू कर दी है.
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जनगणना कार्य में रुचि नहीं दिखा रहे हैं सरकारी कर्मचारी और अधिकारी
गौरतलब है देशभर में इन दिनों जनगणना का कार्य शुरू हो गया है, लेकिन ग्वालियर जिले में जनगणना कार्य में सरकारी कर्मचारी और अधिकारी कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं, बल्कि ड्यूटी से बचने के लिए अजीबो-गरीब बहाने बना रहे हैं. कुछ रसूखदार अधिकारी-कर्मचारी तो सीधे मंत्री विधायक और IAS, IPS तक से फोन लगवा रहे हैं. इसका खुलासा खुद जनगणना प्रभारी ने किया है.
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"नो लीव" पॉलिसी लागू हुआ,कर्मचारियों के मुख्यालय छोड़ने पर लगी रोक
रिपोर्ट के मुताबिक जनगणना ड्यूटी से अपना हटवाने के लिए मंत्रियों और विधायकों के दफ्तर में फोन घुमाने वाले कर्मचारियों के बहानों के देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए सरकारी कर्मचारियों पर "नो लीव" पॉलिसी लागू करते हुए मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है..इस दौरान बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थिति को 'स्वैच्छिक अनुपस्थिति' और 'ब्रेक इन सर्विस' माना जाएगा.
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जनगणना ड्यूटी से बचने के लिए सरकारी कर्मचारी अधिकारी के बहाने-
बहाने नंबर-1
जनगणना ड्यूटी से कन्नी काटने के लिए MP इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन के अपने मैनेजर को लिखा मजेदार बहाना वायरल हो रहा है. आवेदन में एमपी इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन ने लिखा, 'अचानक याददाश्त 2-2 घंटे तक नहीं आती' जो मजदोर ही नहीं, अजीबोगरीब है.
बहाने नंबर-2
एक महिला प्रिंसिपल ने विभागीय अधिकारी को जनगणना ड्यूटी से अपना हटवाने के लिए लिखा "हीमोग्लोबिन अप-डाउन होता है, 30-40 मिनट बेसुध हो जाती हूं", महिला प्रिंसिपल का यह तर्क भी वायरल हो गया है.
बहाने नंबर-3
एक सरकारी कर्मचारी ने विभाग को लिखे छुटी के आवेदन में लिखा कि उसे धूप से एलर्जी है, जिससे उन्हें जनगणना ड्यूटी में मुश्किल होगी. जनगणना का काम घर-घर जाकर करना होता है, जिसमें ऑन ड्यूटी सभी कर्मचारियों को धूप ही काम करना होता है.
बहाने नंबर-4
जनगणना ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए 106 कर्मचारियों ने विभाग में भेजे अपने आवेदन में परिवार का हवाला दिया, इनमें महिला कर्मी प्रमुख है. किसी ने लिखा, "बच्चा छोटा है" किसी ने "सास-ससुर के बीमार होने की बात लिखकर ड्यूटी से नाम कटवाने का आवेदन किया हैं.
बहाने नंबर -5
डिप्टी कमिश्नर,नगर निगम,जनगणना अधिकारी ग्वालियर ने बताया कि जनगणना ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए शिक्षिकाओं ने 'घर में अकेली हूं' होने की दलील दी है. अब तक आए 500 से ज्यादा आवेदन में 130 बहाने अजीबोगरीब हैं. सबसे ज्यादा 60 आवेदन सिर्फ शिक्षा विभाग से आए हैंं.
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