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1983 में जितना तेल था, उतना भी नहीं बचा... ईरान जंग ने कैसे खाली कर दिया अमेरिका का खजाना? समझिए

अमेरिका के पास जो तेल का खजाना है, वह खाली हो रहा है. ईरान युद्ध के कारण यह इतना खाली हो चुका है कि इसमें 1983 के बाद सबसे कम तेल बचा है.

1983 में जितना तेल था, उतना भी नहीं बचा... ईरान जंग ने कैसे खाली कर दिया अमेरिका का खजाना? समझिए
ईरान युद्ध के कारण तेल रिजर्व 43 साल बाद सबसे निचले स्तर पर आ गया है.
AFP
  • अमेरिकी सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पेट्रोलियम रिजर्व में तेल का स्तर 43 सालों में सबसे कम हो गया है
  • जुलाई 2023 में पेट्रोलियम रिजर्व में तेल का स्तर 34.67 करोड़ बैरल था जो अब घटकर 34 करोड़ बैरल रह गया है
  • पेट्रोलियम रिजर्व में ये गिरावट दिखाती है कि ईरान युद्ध के कारण सप्लाई में कमी आई है
वॉशिंगटन डीसी:

अमेरिका ने ईरान के साथ जंग शुरू कर जो आग लगाई थी, उसकी आंच उस तक भी पहुंचा. नतीजा यह हुआ कि उसका तेल का खजाना तेजी से खत्म होने लगा. अब तो आलम ये हो गया है कि उसका तेल का भंडार 43 साल बाद सबसे कम हो गया है. 

ये आंकड़े और किसी के नहीं, बल्कि अमेरिकी सरकार के हैं. अमेरिकी सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी ने सोमवार को जो आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक अब उसके स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) में 34 करोड़ तेल ही बचा है. यह आधे से भी कम है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका का पेट्रोलियम रिजर्व अब 1983 के बाद सबसे निचले स्तर पर है. जुलाई 1983 में SPR में 33.57 करोड़ बैरल तेल ही बचा था. 

तेल का खजाना खाली होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा. तेल की कीमतें न बढ़ें, इसलिए मार्च में ट्रंप सरकार ने पेट्रोलियल रिजर्व से 17 करोड़ तेल रिलीज करने का वादा किया था.

कैसे खाली होता गया खजाना?

1973 में अरब देशों ने अमेरिका पर तेल प्रतिबंध लगा दिया था. इससे जबरदस्त संकट खड़ा हो गया. तब 1975 में तत्कालीन राष्ट्रपति जेराल्ड फोर्ड ने एनर्जी पॉलिसी एंड कंजर्वेशन एक्ट पर साइन किया, जिसके बाद SPR बनाए गए.

अमेरिका के पास 4 बड़े SPR हैं. इनकी क्षमता 71.35 करोड़ बैरल तेल की है. यानी, इन भंडारों में 71 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल रखा जा सकता है. 

पिछले 10 साल में दो साल बार अमेरिका का पेट्रोलियम रिजर्व सबसे कम हुआ है. पहली बार जुलाई 2023 में. तब पेट्रोलियम रिजर्व में 34.67 करोड़ बैरल तेल ही बचा था. और दूसरी बार अब, जब भंडार में सिर्फ 34 करोड़ बैरल तेल ही रह गया है.

ईरान के साथ जंग शुरू होने से पहले तक अमेरिका के SPR में 41.54 करोड़ बैरल तेल था. यानी, जंग शुरू होने के बाद अमेरिका का तेल का खजाना लगभग 7.5 करोड़ बैरल यानी 18% तेल खत्म हो चुका है.

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अमेरिका का तेल का खजाना कहां है?

अमेरिका के कच्चे तेल का भंडार टेक्सास और लुइसियाना में 4 जगहों पर हैं. इनके नाम- ब्रायन माउंड, बिग हिल, वेस्ट हैकबेरी और बयोउ चोकटॉ है. इन भंडारों से कच्चा तेल पाइपलाइन या जहाजों के जरिए सीधे रिफाइनरियों तक भेज दिया जाता है.

अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी के मुताबिक, इन 4 साइटों में नमक की 60 गुफाएं हैं, जहां तेल भरकर रखा गया है. हर एक गुफा बेलन की आकार की होती है. इसका व्यास 200 फीट और ऊंचाई 2,550 फीट है. यह इतनी ऊंची है कि शिकागो का विलिस टॉवर भी इसके अंदर समा सकता है.

जब तेल का संकट आता है तो राष्ट्रपति या ऊर्जा मंत्री SPR से तेल निकालने का आदेश देते हैं. इन भंडारो से 13 दिन के भीतर तेल यहां से निकलकर बाजार तक पहुंच जाता है. 

खाली होना कितनी चिंता की बात?

तेल के खजानों का खाली होने का मतलब है कि सप्लाई की कमी है. CNN के मुताबिक, अमेरिकन पेट्रोलियम रिजर्व के सीईओ माइक सोमर्स ने पिछले हफ्ते चेतावनी दी थी कि SPR में कम से कम 20% तेल होना जरूरी है. उन्होंने कहा था कि खतरे की घंटी बजने लगी है. हम ऐसे स्तर पर पहुंच रहे हैं, जहां अब चिंता होने लगी है.

अब अमेरिका के पेट्रोलियम रिजर्व में 48% से भी कम तेल बचा है. अभी यह और खाली हो सकता है. ट्रंप प्रशासन ने 17 करोड़ तेल रिलीज करने का वादा किया था.

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