Heatstroke Ice Bath Treatment: छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लू (हीट स्ट्रोक) से निपटने के लिए खास तैयारी शुरू कर दी है. राजधानी रायपुर के शासकीय जिला अस्पताल में लू से प्रभावित और संभावित मरीजों के इलाज के लिए एक विशेष वार्ड तैयार किया गया है. इस वार्ड में मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए बाथटब लगाए गए हैं, जिनमें जरूरत पड़ने पर आइस बाथ दिया जाएगा. इसके साथ ही पूरे वार्ड को एयरकंडीशंड बनाया गया है और जरूरी दवाओं व उपकरणों की व्यवस्था की गई है. प्रशासन का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, ऐसे में यह व्यवस्था जीवन रक्षक साबित हो सकती है.
44 डिग्री पार पहुंचा तापमान, हीट वेव की आशंका
छत्तीसगढ़ में गर्मी ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ रुख अपनाया है. कई जिलों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है. राजधानी रायपुर में भी गर्म हवाओं और बढ़ती उमस के कारण हीट वेव जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई जा रही है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है.

Heat Stroke Treatment: रायपुर का सरकारी हॉस्पिटल
जिला अस्पताल में अलग वार्ड की व्यवस्था
रायपुर जिला अस्पताल में लू के मरीजों के लिए 19 नंबर वार्ड को विशेष रूप से तैयार किया गया है. इस वार्ड में दो बाथटब लगाए गए हैं, ताकि गंभीर मरीजों को तुरंत आइस बाथ दिया जा सके. साथ ही पूरे वार्ड में एयर कंडीशनिंग की गई है, जिससे मरीजों को गर्मी का अहसास कम हो और शरीर का तापमान नियंत्रित किया जा सके. फ्रिजर और बर्फ रखने की भी व्यवस्था की गई है.

Heat Stroke Treatment: लू से बचाव के लिए इंतजाम
आइस बाथ क्यों है जरूरी?
लू के मरीजों में शरीर का तापमान अचानक बहुत ज्यादा हो जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है. ऐसे में आइस बाथ शरीर का तापमान तेजी से कम करने का प्रभावी तरीका माना जाता है. डॉक्टरों के अनुसार, समय पर आइस बाथ मिलने से मरीज की हालत को गंभीर होने से रोका जा सकता है.

Heat Stroke Treatment: स्पेशल रूम
सिविल सर्जन ने बताई तैयारी की वजह
रायपुर जिला अस्पताल की प्रभारी व सिविल सर्जन डॉ. ए. चंद्रा राव ने बताया कि राज्य सरकार ने संभावित हीट वेव को देखते हुए सभी अस्पतालों को विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. उन्हीं निर्देशों के तहत यह वार्ड तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि लू के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली सभी जरूरी दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध हैं और स्टाफ को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
डॉ. राव ने आम लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक गर्मी में सावधानी बरतें. खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सीधी धूप में निकलने से बचें. अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ लें, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और शरीर को हाइड्रेट रखें. अगर चक्कर आना, अत्यधिक पसीना, उल्टी या कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर डॉक्टर की सलाह लें.
बढ़ती गर्मी में राहत की पहल
स्वास्थ्य विभाग का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब गर्मी से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. जिला अस्पताल में की गई यह व्यवस्था न सिर्फ मरीजों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराएगी, बल्कि लू से होने वाली मौतों को रोकने में भी अहम भूमिका निभा सकती है.
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