जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस पर टूट का खतरा मंडरा रहा है. उमर के सांसद और विधायकों में असंतोष है. इसी वजह से वह अपने विधायकों, मंत्रियों और सांसदों को दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के नो-नेटवर्क ज़ोन में ले गए हैं, ताकि पार्टी की रणनीति पर चर्चा की जा सके, ये दावा किया है बीजेपी और पीडीपी ने. उनका कहना है कि उमर के ये सभी नेता जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा और राजनीतिक अधिकार बहाल करने में हो रही देरी को लेकर सरकार से नाराज हैं.
19 महीनों के हर काम का जायजा लेंगे
बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने पार्टी के नेताओं संग एक ट्रिप पर जाते हुए कुछ तस्वीरें एक्स पर शेयर की हैं, जिसमें उन्होंने लिखा है कि हम एक ऑफसाइट ट्रिप पर जा रहे हैं, जहां हम पिछले 19 महीनों के हर उस काम का जायजा लेंगे, जो बहुत अच्छा नहीं है और हर एक चीज का. इन तस्वीरों में उमर और उनके विधायक-सांसद काफी खुश नजर आ रहे हैं.
We are off for an off-site to spend the day taking stock of the last 19 months - the good, the not so good & everything in between. pic.twitter.com/byIQXWgsdk
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) June 3, 2026
उमर के विधायक और सांसद उनसे नाराज
हालांकि बीजेपी और महबूबा मुफ्ती की पीडीपी ने दावा किया है कि उमर को यह ट्रिप इसलिए प्लान करनी पड़ी, क्यों कि उनके विधायक और सांसद जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा और राजनीतिक अधिकार बहाल करने में हो रही देरी को लेकर असंतोष में हैं. इसीलिए उमर अब्दुल्ला अपने विधायकों, मंत्रियों और सांसदों को दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के नो-नेटवर्क ज़ोन में ले गए हैं. उनकी पार्टी में टूट का खतरा मंडरा रहा है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस में टूट का खतरा
बीजेपी और पीडीपी ने दावा किया है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों, सांसदों और मंत्रियों को लगने लगा है कि उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा दिलवाने और राजनीतिक अधिकार बहाल करने की मांग पर बहुत नरम रुख अपना रहे हैं.
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