मध्य प्रदेश के मंडला जिले में नक्सल प्रभावित इलाके में पुलिस भर्ती के दौरान फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. पिछले साल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए आयोजित 'विशेष सहयोगी दस्ता' भर्ती प्रक्रिया में तीन अभ्यर्थियों ने फर्जी मार्कशीट का इस्तेमाल किया है. जांच के दौरान मार्कशीट नकली पाई गई.
बिछिया की एसडीएम सोनाली देव की अध्यक्षता वाली समिति ने पाया कि मवई स्थित ग्रेट मदर इंडिया स्कूल से फर्जी मार्कशीट बनवाई गई थीं. इसके बाद दिसंबर में मवई थाने में स्कूल संचालक और तीनों अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. इस मामले में अभी जांच चल रही है.
ये हैं फर्जीवाड़ा करने वाले तीन अभ्यर्थी
मध्य प्रदेश पुलिस विभाग पिछले तीन साल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विशेष भर्ती अभियान चला रहा है. पिछले साल भी मंडला में 'विशेष सहयोगी दस्ता' प्रकिया चलाई गई. भर्ती प्रकिया में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जहां तीन अभ्यर्थियों ने फर्जी मार्कशीट के जरिए नौकरी पाने की कोशिश की. डोक्यूमेंट्स की जांच के दौरान पकड़ लिया और अभ्यर्थी अभिषेक पड़वार, जागेश्वर धुर्वे और प्रदीप धुर्वे की मार्कशीट फर्जी निकलीं.
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले एक अभ्यर्थी ने 90 प्रतिशत नंबर वाली एक प्राइवेट स्कूल की मार्कशीट लगाई थी, लेकिन उससे पहले यह अभ्यर्थी 2023 में भी भर्ती के दौरान सरकारी स्कूल से पास होने की मार्कशीट लगा चुका था. जब विसंगतिया मिलीं तो गंभीरता से जांच हुई, जिसमें पता चला कि ग्रेट मदर इंडिया स्कूल से जारी कई मार्कशीट फर्जी हैं.
केस दर्ज होने के बाद स्कूल संचालक मिल्कियत दास पड़वार पर भी कार्रवाई जा रही है. पुलिस मामले में जांच कर रही है. साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है.
मंडला के डीपीसी कुलदीप कटहल ने बताया कि थाने में मामला दर्ज हो गया है. जांच की जारी है. मार्कशीट जांच के लिए भोपाल भेजी गई हैं, रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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