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'सरकार नौकरी नहीं देना चाहती, युवाओं को कांवड़ यात्रा में ले जाना चाहती है': दिग्विजय सिंह

भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे. उन्होंने सरकार पर युवाओं को रोजगार देने के बजाय अन्य मुद्दों में उलझाने का आरोप लगाया. वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी पद बढ़ाने, रिक्त पद जोड़ने और दूसरी काउंसलिंग की मांग कर रहे हैं.

'सरकार नौकरी नहीं देना चाहती, युवाओं को कांवड़ यात्रा में ले जाना चाहती है': दिग्विजय सिंह
  • भोपाल के नीलम पार्क में मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का धरना जारी है.
  • पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने सरकार पर युवाओं को नौकरी देने की बजाय कांवड़ यात्रा में भेजने का आरोप लगाया.
  • यह आंदोलन 21 अगस्त से चल रहा है और इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों के अभ्यर्थी इसमें शामिल हैं.

भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को बुधवार को कांग्रेस का खुला समर्थन मिला. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा धरना स्थल पहुंचे और अभ्यर्थियों से मुलाकात की. इस दौरान दिग्विजय सिंह ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें कांवड़ यात्रा में ले जाना चाहती है. उन्होंने अभ्यर्थियों की मांगों को जायज बताते हुए चेतावनी दी कि यदि शिक्षक दिवस तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे स्वयं 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेंगे.

पांच दिनों से नीलम पार्क में जारी है आंदोलन

वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी पदवृद्धि की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से नीलम पार्क में धरना दे रहे हैं. प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी लगातार सरकार से रिक्त पद बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया में अधिक अवसर देने की मांग कर रहे हैं. आंदोलन अब धीरे-धीरे बड़ा रूप लेता जा रहा है.

भूख हड़ताल पर बैठे तीन अभ्यर्थी

आंदोलन के बीच बुधवार से तीन अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी. इनमें दो महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं. महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि वे इस बार रक्षा बंधन का त्योहार भी धरना स्थल पर ही मनाएंगी. उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.

नरेंद्र राजपूत को हटाने के बाद बढ़ा आक्रोश

धरना दे रहे अभ्यर्थियों के अनुसार, भूख हड़ताल पर बैठे नरेंद्र राजपूत को हटाए जाने के बाद आंदोलनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई है. अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी बात नहीं सुनी जा रही, जिससे उनमें असंतोष बढ़ता जा रहा है.

दिग्विजय बोले- मैं 80 साल का नौजवान हूं

अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, "मैं 80 साल का नौजवान हूं और आपकी लड़ाई हम लड़ेंगे." उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की मांगें पूरी तरह उचित हैं और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. उन्होंने विशेष रूप से उस अभ्यर्थी का उल्लेख किया, जो कई दिनों तक बिना भोजन और पानी के धरना स्थल पर बैठा रहा.

शिक्षा और स्वास्थ्य को बताया सबसे बड़ा मुद्दा

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य को हमेशा प्राथमिकता दी है. उनका कहना था कि यदि नई पीढ़ी को आगे बढ़ाना है तो अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था जरूरी है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे.

अपने कार्यकाल की योजनाओं का किया जिक्र

दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके शासनकाल में सत्ता के विकेंद्रीकरण पर जोर दिया गया था. उन्होंने दावा किया कि गांवों में स्कूल खोलने के लिए बड़े स्तर पर फैसले किए गए और हजारों नई स्कूलें शुरू की गईं. साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति के अधिकार जिला और स्थानीय स्तर तक दिए गए थे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके.

व्यापम और भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया और व्यापम से जुड़े पुराने मामलों का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में योग्य युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब हजारों पदों की जरूरत है तो भर्ती में कम पदों पर ही नियुक्तियां क्यों की जा रही हैं.

सरकार पर लगाया रोजगार नहीं देने का आरोप

दिग्विजय सिंह ने कहा कि सरकार युवाओं को नौकरी देने के बजाय दूसरे मुद्दों में व्यस्त रखना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों रिक्त पद होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में अपेक्षित संख्या में नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं. इसी दौरान उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर भी टिप्पणी की, जिस पर वहां मौजूद अभ्यर्थियों ने प्रतिक्रिया दी.

शिक्षक दिवस तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो करेंगे अनशन

अपने संबोधन के अंत में दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षक दिवस तक अभ्यर्थियों की मांगों का समाधान नहीं किया, तो वे स्वयं उनके समर्थन में 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेंगे. उन्होंने अभ्यर्थियों से आंदोलन जारी रखने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की अपील भी की.

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