इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर पूरा खाका तैयार कर लिया है. सबसे पहले मंगलवार यानी 6 अक्टूबर को संसद के मकर द्वार पर इंडिया गठबंधन के सांसद जुटेंगे और वहां से सांसदों का ये मार्च निर्वाचन आयोग के दफ्तर निर्वाचन सदन तक जाएगा. पुलिस सांसदों को कहां तक जाने देती है यह देखने वाली बात होगी.
सबसे अहम है कि सांसदों के निर्वाचन आयोग तक के इस मार्च में भाग लेने के लिए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी दिल्ली आने की संभावना है वैसे समाजवादी पार्टी के कई सांसद इसके लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं. समाजवादी पार्टी लोकसभा में कांग्रेस के बाद दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी दल है.सपा के पास अभी लोकसभा में 37 सांसद हैं.
इंडिया गुट क्या है पूरा कैलेंडर?
कांग्रेस की कोशिश है कि इस मार्च में आम आदमी पार्टी और डीएमके भी शामिल हो और इसके लिए इन दोनों पार्टियों को न्यौता दिया गया है. यह इसलिए भी अहम है कि ये दोनों दल इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है. संसद के अंदर भी ये दोनों दल विपक्ष के खेमे का ही हिस्सा रहते हैं.
मुख्य विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस ने संसद के शीतकालीन सत्र तक के लिए एक रोड मैप तैयार कर रखा है जिससे कि जनता में यह मुद्दा जिंदा रहे. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी तो चाहेगी कि यह मुद्दा फरवरी में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव तक जारी रहे मगर फिलहाल उनकी रणनीति संसद के अगले सत्र तक इसको जिंदा रखने की है.
कांग्रेस ने इन्हीं मुद्दों पर आज एक बैठक की और आगे की रणनीति का खुलासा किया.कांग्रेस अब चुनाव आयोग को चीटिंग आयोग बुला रही है. मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का कैलेंडर कुछ इस प्रकार का है.
- 10 से 20 अक्टूबर - ब्लॉक स्तर पर 'वोट बचाओ देश बचाओ' अभियान जिसमें साइकिल, बाइक यात्रा निकाली जाएगी. ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया जाएगा. कांग्रेस कार्यकर्ता पर्चा बाटेंगे.
- फिर इसके बूथ तक ले जाया जाएगा जिसमें 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक बूथ स्तर पर वोट बचाओ देश बचाओ चौपाल आयोजित की जाएगी, इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी इसमें शामिल होंगे.
- 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली होगी.
25, 26 नवंबर को दिल्ली के आसपास से छह यात्रा निकाली जाएगी. इसका नाम चलो दिल्ली कार्यक्रम होगा. छह नेता इसकी अगुवाई करेंगे. 26 नवंबर संविधान दिवस को सभी यात्रा दिल्ली पहुंचेगी.
शीतकालीन सत्र में चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की तैयार
कांग्रेस को मालूम है कि 26 नवंबर के बाद संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो जाएगा जिसके बाद इस मामले को संसद में उठाया जाएगा जहां मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा.
अदालत ने कहा है कि अगर चुनाव में फैसले सर्वसम्मति से नहीं हुए हैं तो उन पर रोक भी लगाई जा सकती है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ज्ञानेश कुमार पर कुछ भी करने से इनकार कर दिया है और यह भी कहा है कि अखबार में छपी रिपोर्ट सौ फीसदी सच हो यह जरूरी नहीं है.
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अभी जारी रहेगी. विपक्ष मंगलवार को होने वाले मार्च की सफलता के बाद अपनी आगे की रणनीति बनाती रहेगी जिसमें उसकी कोशिश और विपक्षी दलों को जोड़ने की होगी.
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