- गांधी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न्स अपनी स्टाइपेंड राशि बढ़ाने के लिए सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं.
- वर्तमान में इंटर्न्स को मासिक 14667 रुपये मिलते हैं, जिन्हें बढ़ाकर 30000 रुपये करने की मांग की गई है.
- इंटर्न्स ने हमीदिया अस्पताल का मुख्य गेट तोड़कर CM हाउस तक मार्च निकालने की कोशिश की, जिससे पुलिस से झड़प हुई.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को उस वक्त भारी बवाल मच गया, जब गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के एमबीबीएस इंटर्न्स अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए. अपना स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे ये इंटर्न्स सीएम हाउस की तरफ मार्च निकालने की जिद पर अड़े हुए हैं. हालात इतने बेकाबू हो गए कि हमीदिया अस्पताल के बाहर तैनात भारी पुलिस बल के साथ इन भावी डॉक्टरों की तीखी झड़प और धक्कामुक्की हो गई.
इंटर्न्स को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की. जब बैरिकेडिंग से भी बात नहीं बनी, तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस भारी हंगामे और धरने के चलते अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और आम मरीजों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है.
30 हजार रुपये स्टाइपेंड की है मांग
दरअसल, यह पूरा बवाल स्टाइपेंड की रकम को लेकर शुरू हुआ है. भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न्स सरकार से अपनी स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. फिलहाल इन छात्रों को हर महीने 14,337 रुपये मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग की जा रही है.
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि पिछले महीने भी पूरे प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इसे लेकर प्रदर्शन किया था. उस वक्त सरकार ने एक महीने के भीतर स्टाइपेंड बढ़ाने का पक्का आश्वासन दिया था. लेकिन, अब वो समय सीमा पूरी होने के बाद भी सरकार ने अपना वादा नहीं निभाया. इसी वादाखिलाफी से नाराज होकर इन डॉक्टरों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
गेट तोड़े और पुलिस से भिड़े इंटर्न
छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने हमीदिया अस्पताल के सभी गेटों पर भारी बैरिकेडिंग कर दी थी, ताकि मार्च को परिसर के अंदर ही रोका जा सके. लेकिन इंटर्न्स सीएम हाउस जाने की जिद पर अड़े रहे. गुस्साए छात्रों ने हमीदिया का मुख्य गेट तोड़ दिया और बाहर निकलने की कोशिश करने लगे. इसी बीच उन्हें रोकने के लिए पुलिस आगे आई, जिसके बाद दोनों के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई. हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने मौके पर वाटर कैनन तैनात किया और पानी की बौछार कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोका.
मरीजों और अस्पताल स्टाफ का रोका रास्ता
इंटर्न्स के इस जोरदार हंगामे का सबसे ज्यादा खामियाजा अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. प्रदर्शन पर बैठे छात्रों ने मरीजों और उनके परेशान परिजनों का रास्ता रोक दिया. इसके अलावा, छात्रों ने अपने नोट्स और ज्ञापन के पन्ने जमीन पर फैला दिए और वहीं धरने पर बैठ गए.
अस्पताल का जो बाकी स्टाफ अंदर मौजूद था, उन्हें भी इंटर्न्स बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं. इसे लेकर स्टाफ और धरने पर बैठे छात्रों के बीच जमकर बहस और तीखी नोकझोंक भी हुई. फिलहाल, हमीदिया अस्पताल के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. पुलिस बल तैनात है, लेकिन इंटर्न छात्र लगातार जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं और किसी भी कीमत पर सीएम हाउस तक जाने की अपनी जिद पर अड़े हुए हैं.
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