- धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मस्जिद के धार्मिक स्वरूप को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में लंबी सुनवाई पूरी हो गई है.
- कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है और 15 जून के बाद निर्णय आ सकता है.
- सुनवाई के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की विस्तृत रिपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज कोर्ट में पेश किए थे.
Dhar Bhojshala Case Decision: मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला–कमला मौला मस्जिद के धार्मिक स्वरूप को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. इंदौर हाईकोर्ट में इस मामले की लंबी सुनवाई पूरी हो चुकी है. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद हिंदू पक्ष के कार्यकर्ता भावुक नजर आए. माना जा रहा है कि 15 जून के बाद कभी भी इस बहुचर्चित मामले में निर्णय सुनाया जा सकता है.
लगातार 98 दिन चली हाईकोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इंदौर हाईकोर्ट में धार भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर सुनवाई की जा रही थी. यह सुनवाई 6 अप्रैल से शुरू हुई और करीब 98 दिनों तक चली. इस दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की करीब 2100 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज कोर्ट के सामने रखे गए.
तीनों पक्षों ने रखीं अपनी दलीलें
इस मामले में हिंदू पक्ष, मुस्लिम पक्ष और जैन समाज की ओर से अलग‑अलग याचिकाएं और दलीलें पेश की गईं. सभी पक्षों ने ऐतिहासिक तथ्यों, धार्मिक मान्यताओं और कानूनी आधारों पर जोरदार बहस की. अंतिम सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से लिखित जवाब भी सौंपने को कहा है, ताकि सभी तर्क रिकॉर्ड का हिस्सा बन सकें.
इंदौर हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
लंबी बहस और सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट की ओर से फिलहाल फैसले की तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन संकेत दिए गए हैं कि 15 जून के बाद किसी भी दिन निर्णय आ सकता है.
भावुक दिखे हिंदू पक्ष के कार्यकर्ता
सुनवाई पूरी होने के बाद हिंदू पक्ष से जुड़े भोजशाला उत्सव समिति और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता भावुक नजर आए. कई कार्यकर्ताओं की आंखों में आंसू थे. उनका कहना था कि यह भावनाएं खुशी और उम्मीद से जुड़ी हैं और उन्हें भरोसा है कि फैसला उनके पक्ष में आएगा.
हाईकोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
सुनवाई के दौरान इंदौर हाईकोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में भोजशाला उत्सव समिति के कार्यकर्ता मौजूद रहे. पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने.
अब फैसले का इंतजार
धार भोजशाला विवाद को लेकर सालों से चले आ रहे इस कानूनी संघर्ष में अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं. फैसला चाहे जिस पक्ष में आए, उसका असर न सिर्फ धार बल्कि पूरे राज्य और देश में महसूस किया जाएगा.
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