Phool Singh Baraiya on Rape: मध्यप्रदेश में राहुल गांधी के शनिवार को होने वाले इंदौर दौरे से ठीक पहले कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक "विवादास्पद बलात्कार सिद्धांत" ने प्रदेश की सियासत में आग लगा दी है. इस बयान पर प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मोर्चा खोल दिया है. मुख्यमंत्री ने जहां राहुल गांधी से सीधे अपने विधायक को पार्टी से बाहर निकालने की मांग की है, वहीं शिवराज सिंह चौहान ने भावुक होते हुए बेटियों को जातियों में बांटने की मानसिकता पर गहरा दुख जताया है.

क्या है फूल सिंह बरैया का वह 'विवादास्पद बयान'?
भांडेर विधायक ने एक मीडिया इंटरव्यू में बलात्कार जैसी जघन्य घटना की व्याख्या करते हुए दावा किया कि 'रुद्रयामल तंत्र' नामक पुस्तक में लिखा है कि 'विशेष जातियों' की महिलाओं के साथ संबंध बनाने से तीर्थ यात्रा का फल मिलता है. बरैया यहीं नहीं रुके, उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं की सुंदरता पर भी सवालिया निशान लगाए और कहा कि "सुंदर लड़की को देखकर किसी का भी दिमाग खराब हो सकता है." उन्होंने बलात्कार को इस मानसिकता से जोड़ा कि लोग 'पुण्य' कमाने के लिए मासूम बच्चियों तक को नहीं छोड़ रहे हैं.
'बेटियां देवियां हैं, समाज का बंटवारा मंजूर नहीं'
शिवराज सिंह चौहान विधायक बरैया के बयान पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,
शिवराज ने बरैया के बयान पर व्यक्तिगत दुख जताते हुए कहा कि किसी भी नेता को बेटियों पर ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. उन्होंने इसी कड़ी में एक बड़ा कदम उठाते हुए बताया कि बीते दिनों दुष्कर्म का शिकार हुई एक बेटी के भविष्य के लिए आज ही 10 लाख रुपये जमा किए जाएंगे और कुल मिलाकर उसे 28 लाख रुपये मिलेंगे ताकि उसकी गरिमा और भविष्य सुरक्षित रहे.
'सीएम मोहन यादव की राहुल गांधी को चुनौती'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बरैया के बयान को जहर घोलने वाला करार दिया. उन्होंने कहा, "समाज में विद्वेष फैलाने वाले बयान देकर फूल सिंह बरैया ने अक्षम्य अपराध किया है. अगर राहुल गांधी के मन में समाज के अन्य वर्गों के लिए सम्मान है, तो वे तुरंत अपने विधायक को सस्पेंड करें और पार्टी से बाहर निकालें."
चौतरफा घिरी कांग्रेस, पुराने विवाद भी उखड़े
बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सफाई देते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है. बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इसे "बीमार और विकृत मानसिकता" का प्रदर्शन करार दिया है. बरैया के इस बयान के साथ ही उनके पुराने विवादित बोल भी चर्चा में हैं, जिनमें उन्होंने एससी-एसटी विधायकों की तुलना 'कुत्ते' से की थी और अधिकारियों की आंखें फोड़ने की धमकी दी थी. अब सबकी नजरें राहुल गांधी पर टिकी हैं कि वे इंदौर पहुंचकर अपने इस विधायक के खिलाफ क्या कदम उठाते हैं.
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