Digvijaya Singh Statement: मध्य प्रदेश की राजनीति में चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह खुलकर विधायक फूल सिंह बरैया के समर्थन में सामने आए हैं. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि बरैया के बयान को जानबूझकर तोड़‑मरोड़कर पेश किया गया और इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक साजिश है.
पूर्व मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
दिग्विजय सिंह ने कहा कि फूल सिंह बरैया के बयान को जिस तरह से प्रचारित किया गया, वह पूरी तरह गलत है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला विपक्ष द्वारा रचा गया है, ताकि कांग्रेस नेताओं को बदनाम किया जा सके और राजनीतिक लाभ उठाया जा सके.
‘ये उनके निजी विचार नहीं हैं'
दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि फूल सिंह बरैया ने जो बात कही, वह उनके निजी विचार नहीं थे. उन्होंने दर्शनशास्त्र से जुड़ी एक पुस्तक का हवाला दिया था. यह पुस्तक पटना यूनिवर्सिटी के दर्शनशास्त्र विभाग से जुड़े एक ब्राह्मण प्रोफेसर द्वारा लिखी गई है, जिसे संदर्भ के तौर पर बताया गया था.
बयान को गलत संदर्भ में पेश करने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक के कथन को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया, जिससे अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया. उन्होंने कहा कि अगर किसी को उस पुस्तक की सामग्री पर आपत्ति है, तो फिर कार्रवाई सिर्फ विधायक पर क्यों की जा रही है.
लेखक और प्रकाशक पर कार्रवाई क्यों नहीं?
दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुस्तक आपत्तिजनक है, तो उसके लेखक और प्रकाशक पर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने राजकमल प्रकाशन का नाम लेते हुए पूछा कि अगर किताब गलत है, तो प्रकाशन संस्था पर कोई कदम क्यों नहीं उठाया जा रहा. केवल एक विधायक को निशाना बनाना न्यायसंगत नहीं है.
विपक्ष की राजनीतिक चाल का आरोप
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि यह पूरा प्रकरण विपक्ष की एक सोची‑समझी राजनीतिक चाल है. इसका मकसद कांग्रेस की छवि खराब करना और जनता के बीच भ्रम फैलाना है.
क्या था विवादित बयान?
फूल सिंह बरैया के बयान के बाद यह विवाद पैदा हुआ था. उन्होंने एक संदर्भ में कहा था कि “अगर कोई खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है, रेप हो सकता है.” बयान सामने आते ही विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी.
विवाद बढ़ने पर बरैया की सफाई
तेज विरोध के बाद विधायक फूल सिंह बरैया ने सफाई देते हुए कहा था कि वह इस कथन से सहमत नहीं हैं. उन्होंने बताया कि यह कथन हरिमोहन झा की पुस्तक ‘खट्टर काका' से लिया गया संदर्भ था. उनका उद्देश्य ऐसे किसी विचार का समर्थन करना नहीं था. बरैया ने यह भी दोहराया कि उनके बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया. उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी भी तरह से महिलाओं के खिलाफ या आपत्तिजनक सोच को बढ़ावा देना नहीं था.
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