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This Article is From Aug 30, 2025

MP News: वैदिक घड़ी और एप का लोकार्पण करेंगे CM मोहन यादव; इस तारीख को सीएम हाउस में होगा युवा संवाद

Vikramaditya Vedic Clock: सीएम के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमादित्य वैदिक घडी भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी है. भारतीय काल गणना सर्वाधिक विश्वसनीय पद्धति का पुनरस्थापन विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के रूप में उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 फरवरी 2024 को किया गया था.

MP News: वैदिक घड़ी और एप का लोकार्पण करेंगे CM मोहन यादव; इस तारीख को सीएम हाउस में होगा युवा संवाद
MP News: वैदिक घड़ी और एप का लोकार्पण करेंगे CM मोहन यादव; इस तारीख को सीएम हाउस में होगा युवा संवाद

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 1 सितंबर 2025 को सीएम हाउस पर विक्रमादित्य वैदिक घडी का अनावरण एवं एप का लोकार्पण करेंगे. मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि उस दिन सुबह 9:00 बजे शौर्य स्मारक पर कॉलेज, विश्वविद्यालय के युवा एवं छात्र-छात्राएं एकत्रित होंगे. शौर्य स्मारक से बाइक रैली आरंभ होगी जो रवींद्र भवन तक जायेगी. रवींद्र भवन से बाइक रैली पैदल मार्च में बदलकर मुख्यमंत्री निवास के द्वार तक पहुंचेगी. इस अवसर पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी: भारत के समय की पुनर्स्थापना की पहल विषय युवा संवाद कार्यक्रम भी होगा. जिसमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव युवाओं से संवाद करेंगे.

PM मोदी ने उज्जैन में की थी स्थापना

संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमादित्य वैदिक घडी भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी है. भारतीय काल गणना सर्वाधिक विश्वसनीय पद्धति का पुनरस्थापन विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के रूप में उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 फरवरी 2024 को किया गया था. जिसे देश और दुनिया में अच्छा प्रतिसाद मिला.

उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टि का अद्भुत संगम है. भारतवर्ष वह पावन भूमि है जिसने संपूर्ण ब्रह्माण्ड को अपने ज्ञान से आलोकित किया है. यहाँ की संस्कृति का प्रत्येक पहलू प्रकृति और विज्ञान का ऐसा विलक्षण उदाहरण है, जो विश्व कल्याण का पोषक है. इन्हीं धरोहरों के आधार पर निर्मित 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' भारतीय परम्परा का गौरवपूर्ण प्रतीक है.

इस घड़ी के माध्यम से भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित करने का प्रयास है. यह प्रयास विरासत और विकास, प्रकृति और तकनीक का संतुलन होगा. यह स्वदेशी जागरण की महत्वपूर्ण कोशिश है, जो भारत को विश्व मंच पर मजबूती प्रदान करेगी. उन्होंने कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक धुरी बनकर वैश्विक भाषाओं और परंपराओं, आस्थाओं व धार्मिक कार्यों को जोड़ने वाली कड़ी बनेगी. हम सभी जानते हैं कि भारत दुनिया का पहला और अकेला ऐसा देश है जो पूरी मानवता को, विरासत, प्रकृति और तकनीक के संतुलन के साथ जीना सिखाता रहा है.

क्यों खास है एप?

संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के एप की विशेषताओं को बताते हुए कहा कि इस एप में 3179 विक्रम पूर्व (श्रीकृष्ण के जन्म), महाभारतकाल से लेकर 7000 से अधिक वर्षों के पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मास, व्रत एवं त्यौहार आदि की दुर्लभ जानकारियों को समाहित किया गया है. धार्मिक कार्यों, व्रत और साधना के लिए 30 अलग-अलग शुभाशुभ मुहूतों की जानकारी एवं अलार्म की सुविधा भी है. प्रचलित समय में वैदिक समय (30 घंटे), वर्तमान मुहूत स्थान, GMT और IST समय, तापमान, हवा की गति, आर्द्रता आदि मौसम संबंधी सूचनाएँ भी लोगों को उपलब्ध करायी जा रही है. यह एप 189 से अधिक वैश्विक भाषाओं में उपलब्ध है. जिसमें दैनिक सूर्योदय और सूर्यास्त की गणना तथा उसी आधार पर हर दिन के 30 मुहूर्तों का सटीक विवरण सम्मिलित है.

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