करीब डेढ़ साल तक गुत्थी बनी रही रिटायर्ड फौजी की पत्नी की हत्या अब सुलझ गई है. भिंड के चर्चित सुशीला देवी मर्डर और डकैती केस में पुलिस ने 15 महीने बाद बड़ी सफलता हासिल करते हुए 30 हजार के इनामी मुख्य आरोपी रिंकू उर्फ महावीर राठौर को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के पास से लाखों रुपये के जेवर भी बरामद हुए हैं, हालांकि इस वारदात में शामिल बाकी आरोपी अभी भी फरार हैं.
15 महीने बाद पुलिस के हाथ लगा मुख्य आरोपी
भिंड जिले में हुए इस सनसनीखेज हत्या और डकैती मामले में पुलिस को लंबी जांच के बाद सफलता मिली. 15 महीने की मेहनत के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी रिंकू उर्फ महावीर राठौर को गिरफ्तार किया. वह मुरैना जिले का रहने वाला है और उस पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था. उसके घर से करीब ढाई लाख रुपये के सोने के जेवर भी बरामद किए गए हैं. फिलहाल, उसके 6 साथी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह पहले से ही आपराधिक वारदातों में शामिल रहा है. गिरफ्तार आरोपी रिंकू राठौर के खिलाफ चोरी और लूट समेत कुल 27 केस दर्ज हैं. वहीं उसके अन्य साथियों का भी आपराधिक इतिहास काफी लंबा है. किसी पर 34, किसी पर 14 और किसी पर 11 मामले दर्ज हैं. पुलिस के मुताबिक यह गिरोह भिंड और आसपास के इलाकों में लगातार सक्रिय था.
प्रेमिका के घर से करता था रेकी
जांच के दौरान एक दिलचस्प और अहम खुलासा भी हुआ. आरोपी रिंकू राठौर अक्सर देहरा गांव में अपनी प्रेमिका से मिलने आता था. वहीं रुककर वह आसपास के गांवों और खेतों में बने सुनसान मकानों की रेकी करता था. पूछताछ में उसने माना कि वारदात से पहले उसने इलाके की पूरी निगरानी की थी. अब पुलिस उसकी प्रेमिका की भूमिका की भी जांच कर रही है.
मोबाइल छोड़कर देते थे वारदात को अंजाम
यह गिरोह बेहद चालाक तरीके से अपराध करता था. पुलिस और साइबर ट्रैकिंग से बचने के लिए आरोपी वारदात के समय मोबाइल फोन साथ नहीं रखते थे. सभी आरोपी अपने फोन घर छोड़कर निकलते थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाती थी. इसी वजह से पुलिस को उन्हें पकड़ने में इतना लंबा समय लग गया.
कैसे हुई थी वारदात?
यह घटना 14 और 15 अप्रैल 2025 की मध्यरात्रि की है. आरोपी खेत के पास बने उस घर में पहुंचे, जहां रिटायर्ड फौजी हरिदास दैपुरिया अपनी पत्नी के साथ रहते थे. पहले आरोपियों ने हरिदास के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी ताकि वह बाहर न निकल सकें. इसके बाद वे छत पर बने कमरे में पहुंचे और बक्सों के ताले तोड़कर जेवर और नकदी चोरी करने लगे.
इसी दौरान छत पर सो रही सुशीला देवी जाग गईं और शोर मचाने लगीं. पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने उनका मुंह दबा दिया. इसी दौरान उनकी मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी लाखों का माल लेकर फरार हो गए.
सुबह मिली थी बुजुर्ग महिला की लाश
अगली सुबह जब हरिदास दैपुरिया अपनी पत्नी को जगाने छत पर पहुंचे, तो वह मृत अवस्था में मिलीं. कमरे का ताला टूटा हुआ था और सामान बिखरा पड़ा था. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू हुई. फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और साइबर एक्सपर्ट ने मौके से अहम सबूत जुटाए.
SIT जांच में जुटी, सैकड़ों लोगों से पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने एसआईटी का गठन किया. टीम ने करीब 150 संदिग्धों से पूछताछ की. साथ ही 500 से ज्यादा तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई और 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. लगातार मेहनत के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले.
चोट और लोकेशन से खुला राज
जांच में पता चला कि वारदात के दिन रिंकू राठौर घटनास्थल के आसपास था. भागते समय वह छत से कूदा था, जिससे उसे चोट लगी थी. पुलिस ने जब मेडिकल रिकॉर्ड खंगाले तो यह सुराग मजबूत साबित हुआ. इसके बाद पुलिस ने उसे देहरा गांव से गिरफ्तार कर लिया.
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