
Parenting tips in hindi : बच्चे का स्वभाव कैसा होगा ये घर के माहौल और माता-पिता की परवरिश पर निर्भर करता है. कई बार बच्चे पेरेंट्स की लापरवाही और बहुत प्यार दुलार के कारण जिद्दी और गुस्सैल हो जाते हैं. जो मां बाप के लिए और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है. जैसे-जैसे वो बड़ा होता जाता है, अपनी अच्छी और बुरी हर बात को मनवाने की कोशिश करता है. कभी रोकर, कभी सामान तोड़कर तो कभी नाराज होकर. ये सब आदतें बचपने में तो उनकी क्यूट लगती हैं लेकिन बाद में सिर दर्द बन जाती है. ऐसे में चलिए जानते हैं कैसे ऐसे बच्चे को अपने कंट्रोल में किया जाए.
जिद्दी बच्चे को कैसे करें शांत
- बच्चों के सामने कभी भी माता पिता को लड़ाई नहीं करना चाहिए. इससे बच्चे का स्वभाव बुरी तरह प्रभावित होता है, ऐसे में बच्चा या तो जिद्दी हो जाता है या फिर शांत. इसलिए आपसी मतभेद बच्चों के सामने जाहिर ना होने दीजिए.
- बच्चों की बात को ध्यान सुनें उसे इग्नोर ना करें. क्योंकि उनकी बात को अनसुना करना भी उसको गुस्सैल और जिद्दी बना देता है. बच्चे कभी-कभी पेरेंट्स का ध्यान खींचने के लिए भी गुस्सा होते हैं.
- बच्चों को हर बात पर टोकना मारना भी उनके स्वभाव को जिद्दी और गुस्सैल बनाता है. और तो और बच्चों से हर बात में बहस ना करें. वरना आपसे अलग हो जाएगा. उनके अच्छे कामों पर उनकी तारीफ करें. इससे मनोबल मजबूत होगा.
- बच्चे नखरे क्यों कर रहे हैं, बात क्यों नहीं मान रहे या फिर हमेशा शरारतों का सहारा ही क्यों लेते हैं इसकी भी वजह होती है. कई बार वे माता-पिता या किसी और के डर से काम को सीधी तरह से करने की बजाय शरारतों का सहारा लेते हैं. इसलिए उनकी बात सुनें कि उन्हें परेशानी क्या है और वह यह सब क्यों कर रहे हैं.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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