झारखंड की राजधानी रांची में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छिड़ गई है. धुर्वा क्षेत्र में विवेकानंद स्कूल से नया सराय तक लगभग 6 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण की योजना प्रस्तावित है. इस परियोजना पर करीब 177 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है. लेकिन इस निर्माण कार्य के साथ एक बड़ी चिंता भी जुड़ी हुई है. सड़क की जद में आने वाले करीब 7 हजार पेड़ों के कटने की आशंका जताई जा रही है.

इसी चिंता को लेकर रांची के युवाओं ने सोशल मीडिया पर एक अनोखी मुहिम शुरू की है. इंस्टाग्राम के जरिए युवा लगातार पोस्ट, वीडियो और जागरूकता अभियान चलाकर लोगों तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं. उनका कहना है कि विकास जरूरी है लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं. उनका प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें और पेड़ों को बचाने के लिए अपनी आवाज उठाएं.

युवाओं का मानना है कि पेड़ केवल हरियाली का हिस्सा नहीं हैं बल्कि शहर की जलवायु, स्वच्छ हवा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उनका कहना है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित वातावरण छोड़ना हमारी जिम्मेदारी है.
सोशल मीडिया पर चल रही इस मुहिम को धीरे-धीरे समर्थन भी मिल रहा है. युवा चाहते हैं कि सड़क चौड़ीकरण के साथ ऐसे विकल्प तलाशे जाएं जिनसे कम से कम पेड़ों की कटाई हो. उनका कहना है कि विकास परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए. इसी संदेश के साथ रांची के युवा डिजिटल मंच से हरियाली बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.

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