जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के फैसलों से नाराज हुईं महबूबा मुफ्ती.
नई दिल्ली:
जम्मू एवं कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक लोकतंत्र में दखल दे रहे हैं. यहां एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए महबूबा ने राज्यपाल द्वारा लोकतंत्र में कथित दखलअंदाजी के विरोध में प्रदर्शन की चेतावनी दी.उन्होंने कहा, "जिस तेजी के साथ राज्यपाल निर्णय ले रहे हैं, वह दिखाता है कि इसके पीछे एक निश्चित एजेंडे का हाथ है."
उन्होंने कहा, "रोजमर्रा के आधार पर आदेशों को जारी करने की क्या जरूरत है? अगर यह प्रवृत्ति नहीं रुकी तो, हम एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे."उन्होंने कहा, "हमने उम्मीद की थी कि राज्यपाल राज्य की संवेदनशीलता के साथ सावधानीपूर्वक पेश आएंगे. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि रोज ऐसे आदेश पारित किए जा रहे हैं, जो राज्य के लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ा रहे हैं, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर के बैंक, रोशनी अधिनियम, पीआरसी नियम से संबंधित आदेश शामिल हैं."
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "हम राज्यपाल साहिब का आदर करते हैं। लेकिन वह क्यों लोकतंत्र में दखल दे रहे हैं? इस तरह के आदेशों को पारित करने की कोई हड़बड़ी नहीं है। ऐसा लगता है कि किसी और के एजेंडे को यहां लागू किया जा रहा है."महबूबा ने कहा कि कश्मीर के लद्दाख इलाके को विभाजन का दर्जा देने की रपटें प्राप्त हुई हैं.
वीडियो- 2019 का सेमीफाइनल : क्या राज्यपाल पर कोई दबाव था?
उन्होंने कहा, "रोजमर्रा के आधार पर आदेशों को जारी करने की क्या जरूरत है? अगर यह प्रवृत्ति नहीं रुकी तो, हम एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे."उन्होंने कहा, "हमने उम्मीद की थी कि राज्यपाल राज्य की संवेदनशीलता के साथ सावधानीपूर्वक पेश आएंगे. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि रोज ऐसे आदेश पारित किए जा रहे हैं, जो राज्य के लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ा रहे हैं, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर के बैंक, रोशनी अधिनियम, पीआरसी नियम से संबंधित आदेश शामिल हैं."
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "हम राज्यपाल साहिब का आदर करते हैं। लेकिन वह क्यों लोकतंत्र में दखल दे रहे हैं? इस तरह के आदेशों को पारित करने की कोई हड़बड़ी नहीं है। ऐसा लगता है कि किसी और के एजेंडे को यहां लागू किया जा रहा है."महबूबा ने कहा कि कश्मीर के लद्दाख इलाके को विभाजन का दर्जा देने की रपटें प्राप्त हुई हैं.
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Jammu Kashmir, Governer Of Jammu-Kashmir, Satypal Malik, Mahbooba Mufti