- राहुल गांधी की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई रैली में गैरहाजिर पदाधिकारियों पर गाज गिरी है
- यूथ कांग्रेस ने 7 राज्यों के कुल 200 पदाधिकारियों को सस्पेंड किया है जिसमें मध्य प्रदेश और गुजरात शामिल है
- रैली में गैरहाजिर पदाधिकारी प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव और जिलाध्यक्ष जैसे पदों पर कार्यरत थे
राहुल गांधी की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई रैली से गायब रहने वाले पदाधिकारियों पर पार्टी लगातार एक्शन ले रही है. यूथ कांग्रेस ने अब तक करीब 200 पदाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. NDTV के पास मौजूद सस्पेंशन लेटर के मुताबिक 7 राज्यों में अब तक 185 पदाधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है. मध्य प्रदेश में 60 और गुजरात में 49 पदाधिकारियों को सस्पेंड किया गया है. वहीं मध्य प्रदेश में 60 और गुजरात में 49 पदाधिकारियों को सस्पेंड किया गया है.
अब तक ये पदाधिकारी सस्पेंड
- गुजरात: 49
- तेलंगाना : 14
- यूपी (मध्य) : 13
- पश्चिम बंगाल: 26
- मध्य प्रदेश : 60
- हरियाणा : 10
- हिमाचल प्रदेश : 13

दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की ओर से बुलाई गई 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में ये पदाधिकारी गैरहाजिर रहे थे. राहुल की रैली में न पहुंचना इनको बहुत भारी पड़ा है. कांग्रेस की तरफ से की गई इस कार्रवाई में प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव से लेकर जिलाध्यक्ष तक के नेता शामिल हैं. रैली में भीड़ जुटाने के दावों के बीच अब संगठन के भीतर ही जवाबदेही तय करने का संदेश दिया जा रहा है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की रैली को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए कहा था कि ज्ञानेश कुमार को इसके लिए मुकदमे का सामना करना पड़ेगा और उन्हें जेल जाना होगा.

पदाधिकारियों को मिले थे रैली में हाजिर रहने के निर्देश
बता दें कि यूथ कांग्रेस ने सभी राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला पदाधिकारियों को 1 नवंबर की रैली और मार्च में शामिल होने के सख्त निर्देश दिए थे.उनकी हाजिरी की डिजिटल निगरानी के लिए मिंटो रोड पर बारकोड स्कैनर लगाए गए थे. रैली में आए पदाधिकारियों और उनके साथ आए लोगों को यूथ कांग्रेस के आधिकारिक एप (With IYC) पर रजिस्ट्रेशन करने को कहा गया था.
कांग्रेस पदाधिकारियों ने दिया था ये तर्क
रैली में शामिल हुए पदाधिकारियों को डिजिटल चेक-इन करना था. हालांकि कई पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक इंटरनेट स्लो होने की वजह से वे डिजिटल रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए.इसी मुद्दे को लेकर रैली के बाद समीक्षा बैठक बुलाई गई, जिसमें उपस्थिति संबंधी आंकड़ों की जांच की गई थी.
ये वीडियो भी देखें-
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं