- राहुल गांधी की रैली में नहीं पहुंचे यूथ कांग्रेस पदाधिकारी, 100 से ज्यादा सस्पेंड
- डिजिटल अटेंडेंस बनी मुसीबत, यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों पर गिरी गाज
- राहुल गांधी की रैली पर बीजेपी का हमला, बोली- अपने कार्यकर्ता ही नहीं पहुंचे
कांग्रेस की रामलीला मैदान रैली में गैरहाजिर रहना यूथ कांग्रेस के कई पदाधिकारियों को महंगा पड़ गया. संगठन ने रैली के बाद की गई समीक्षा में अनुपस्थित पाए गए 100 से अधिक पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के तहत की गई है. निलंबित पदाधिकारियों में सबसे अधिक संख्या मध्य प्रदेश की है. दूसरी ओर, इस कार्रवाई को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए इसे संगठन के भीतर की स्थिति का संकेत बताया है.
तीन राज्यों के 100 से ज्यादा पदाधिकारी निलंबित
यूथ कांग्रेस ने रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित 'वोट चोरी रैली' में गैरहाजिर रहने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के 60, हिमाचल प्रदेश के 13 और हरियाणा के 10 पदाधिकारियों समेत 100 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. संगठन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अनुशासन और राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई है.

यूथ कांग्रेस ने जारी की निलंबित होने वाले कांग्रेसियों की लिस्ट
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डिजिटल अटेंडेंस बनी विवाद की वजह
इस बार यूथ कांग्रेस ने रैली में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और स्कैनर की व्यवस्था की थी. रैली में शामिल होने वाले पदाधिकारियों को डिजिटल चेक-इन करना था. हालांकि कई पदाधिकारियों का कहना है कि कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक के इलाके में इंटरनेट की गति बेहद धीमी थी. इसके कारण वे डिजिटल रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सके. इसी मुद्दे को लेकर रैली के बाद समीक्षा बैठक बुलाई गई, जिसमें उपस्थिति संबंधी आंकड़ों की जांच की गई.

,एमपी यूथ कांग्रेस की सूची
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यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने दी सफाई
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि रैली बेहद सफल रही और देशभर से करीब 15 हजार कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कुछ पदाधिकारियों ने संगठनात्मक अनुशासन का पालन नहीं किया. जवाबदेही तय करना किसी भी संगठन के लिए जरूरी है, इसलिए समीक्षा के बाद कार्रवाई की गई.

बीजेपी ने इस कार्रवाई पर कांग्रेस को घेरा
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राहुल गांधी की रैली को लेकर सियासत, बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस ने रैली से पहले बड़े पैमाने पर कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने का निर्देश दिया था. पार्टी नेताओं ने बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया था. वहीं भारतीय जनता पार्टी ने रैली में भीड़ को लेकर सवाल उठाए. भाजपा नेताओं ने दावा किया कि कांग्रेस द्वारा किए गए दावों के मुकाबले अपेक्षित संख्या में लोग नहीं पहुंचे. इसके बाद रैली में अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया.
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों का निलंबन कांग्रेस की कार्यप्रणाली और नेतृत्व की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है.
निलंबन आदेश में क्या कहा गया?
जारी आदेश में कहा गया कि 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'वोट चोरी रैली' में अनुपस्थित रहने के कारण उत्पन्न संगठनात्मक अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया गया है. आदेश के अनुसार संबंधित पदाधिकारियों को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. आदेश 3 नवंबर 2026 को मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस की ओर से जारी किया गया.
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