किस्त पर कोई सामान खरीदना कितना महंगा पड़ सकता है? इसका एक मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया है. यहां एक युवक ने फोन खरीदा, प्राइवेट कंपनी ने उसे फाइनेंस किया लेकिन जब वह उसकी किस्त नहीं चुका पाया तो उस युवक को उठा लिया गया, उसका ब्लड निकालकर बेचा गया और उससे जबरन मजदूरी करवाई गई.
5 दिन बाद युवक चंगुल से निकला, तब उसने थाने में शिकायत की और अब जाकर इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि युवक को गांव के बाहर से उठाया गया था और बाद में उसे बंधक बनाकर रखा गया था.
पुलिस ने बताया कि युवक को बंधक बनाकर उसका ब्लड निकाला गया था और उसे बेचकर किस्त का पैसा वसूला गया था. उससे जबरदस्ती मजदूरी भी करवाई गई थी.
पुलिस ने बताया कि इस मामले में जो भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अभी जांच कर रही है और उस आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
क्या-कैसे हुआ? पुलिस ने दी एक-एक डिटेल
पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि टीवीएस सर्विस क्रेडिट लिमिटेड कंपनी है, जो मोबाइल फोन, टीवी खरीदने पर किस्त पर फाइनेंस करवाती है. उसी कंपनी से जुड़े हुए ये लोग हैं, जिनके नाम अनिकेत और सुशांत शर्मा हैं. इन दोनों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि किस्त लेने के लिए कई बार ये लोग युवक के घर पर गए थे और जब नहीं मिले तो दोनों ने मिलकर आपराधिक षड़्यंत्र रचा.

आरोपियों ने क्या-क्या किया?
पुलिस ने बताया कि युवक को उठाया गया और सबसे पहले उसे समाधान चैरिटेबल ब्लड सेंटर ले जाया गया, वहां ब्लड निकाला गया और बेचा गया. इससे भी जब मन नहीं भरा तो अपने घर में उस युवक को ले गए और मजदूरी करवाई गई और किस्त वसूली गई.
उन्होंने बताया कि समाधान चैरिटेबल ट्रस्ट का रजिस्टर लिया है, उसमें उस पीड़ित का नाम दर्ज है. हम पूछताछ भी कर रहे हैं और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है. अगर कंपनी के किसी अधिकारी ने ऐसा करने का निर्देश दिया है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक फरार है, उस पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया है.

कहां का है यह मामला?
मामला निगोहां थाना क्षेत्र के राजारामखेड़ा मजरा पुरहिया गांव का है. पीड़ित की मां जदूराई ने बताया कि उनके छोटे बेटे नेवल ने करीब एक साल पहले निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से जीरो डाउन पेमेंट पर मोबाइल खरीदा था. एक महीने बाद किस्त बकाया होते ही कुछ लोग उनके घर से मोबाइल ले गए.
शिकायत के मुताबिक, पीड़ित को 8 सितंबर की शाम को उठा लिया गया था. पहले उसका ब्लड निकाला गया. फिर सदर इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर उससे मजदूरी कराई गई.

पीड़ित की मां के मुताबिक, नेवल को बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने उसके बड़े भाई राजकुमार को फोन किया. मोबाइल की किस्त के नाम पर 2,799 रुपये ऑनलाइन मंगवाए गए. रकम मिलने के बाद भी उन्होंने नेवल को नहीं छोड़ा. 11 सितंबर की शाम करीब 7 बजे परिवार को दोबारा फोन आया और 12,500 रुपये और मांगे. रकम नहीं देने पर नेवल को जान से मारने की धमकी दी गई.
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