- बस हादसे के बाद लापता हुए बीजेपी नेता की पत्नी और बेटा, परिवार का बुरा हाल
- आखिरी कॉल के बाद कोई संपर्क नहीं, यमुना एक्सप्रेसवे हादसे ने बढ़ाई चिंता
- ग्रेटर नोएडा अग्निकांड में 9 में से 6 शवों की पहचान
यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा के पास हुए भीषण स्लीपर बस अग्निकांड के बाद कई परिवार अब भी अपने परिजनों की तलाश में जुटे हैं. इसी बीच महोबा के भाजपा जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता और बेटे शशांक गुप्ता के लापता होने से परिवार की चिंता बढ़ गई है. आशंका है कि दोनों उसी दुर्घटनाग्रस्त बस में सवार थे, जिसमें आग लगने से कई यात्रियों की मौत हो गई. परिजन, रिश्तेदार और पुलिस लगातार दोनों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है.
मां-बेटे के लापता होने से परिवार में चिंता
जानकारी के अनुसार महोबा के चरखारी कस्बे के राज मंदिर इलाके के निवासी और भाजपा जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता अपने बेटे शशांक गुप्ता के साथ गुरुग्राम से महोबा आ रही थीं बताया जा रहा है कि बुधवार रात 9:36 बजे शशांक की अपने पिता नीरज गुप्ता से आखिरी बार बात हुई थी. इसके बाद से दोनों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं. परिजनों को आशंका है कि मां-बेटा उसी स्लीपर बस में सवार थे, जो यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे का शिकार हुई.

बीजेपी नेता का लापता बेटा
बस हादसे की सूचना मिलते ही शुरू हुई तलाश
बस में आग लगने की सूचना मिलने के बाद नीरज गुप्ता और उनके परिजन दोनों की तलाश में जुट गए. रिश्तेदारों और परिचितों को भी खोजबीन में लगाया गया है. हालांकि देर तक तलाश के बावजूद दोनों के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है. परिवार के लोग लगातार अस्पतालों, राहत शिविरों और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं.

बीजेपी नेता और उनकी पत्नी
9 में से 6 शवों की हुई पहचान
दूसरी ओर जिला प्रशासन ने बस अग्निकांड में मृतकों की पहचान का कार्य तेज कर दिया है. अब तक 9 शवों में से 6 की पहचान कर ली गई है और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है. पहचाने गए मृतकों में ये नाम शामिल हैं.
- छतरपुर (मध्यप्रदेश) की श्रुति रावत
- राठ (हमीरपुर) की सरोज गुप्ता
- राठ (हमीरपुर) के मयंक गुप्ता
- हिसार (हरियाणा) के देवेंद्र सहाय भारद्वाज
- जालौन के हर शरण गुप्ता
- हमीरपुर की ऊषा देवी
तीन शवों की पहचान अब भी बाकी
प्रशासन के अनुसार शेष तीन शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. अधिकारियों का कहना है कि सभी मृतकों के डीएनए नमूने सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर वैज्ञानिक तरीके से पहचान सुनिश्चित की जा सके. संभावना जताई जा रही है कि शेष शवों की पहचान जल्द पूरी हो सकती है.

शवगृह से बाहर निकलती एंबुलेंस
परिजनों की निगाहें प्रशासन की सूचना पर टिकीं
महोबा में नीरज गुप्ता का परिवार लगातार किसी सूचना का इंतजार कर रहा है. शशांक और उसकी मां के बारे में अब तक कोई पुष्टि नहीं होने से परिवार बेहद परेशान है. लापता मां-बेटे की तलाश जारी है और प्रशासन भी पहचान एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है.
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