देशभर में कई नए-नए हाइवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं. सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे यूपी में बने हैं. देश की सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करन के लिए NHAI तीन बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है, जो आपस में जुड़कर एक विशाल कॉरिडोर बनाएंगे. ये कॉरिडोर देश के एक कोने को दूसरे कोने से जोड़ देगा. हम बात कर रहे हैं 'अंबाला-शामली-गोरखपुर-सिलीगुड़ी कॉरिडोर' की. यह विशाल नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को हाई-स्पीड सड़क संपर्क से जोड़ेगा. सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर, जो अभी करीब 28 से 32 घंटे तक लेता है, भविष्य में लगभग 15 से 16 घंटे में पूरा हो सकेगाय
कौन से तीन एक्सप्रेसवे बनेंगे इस महाकॉरिडोर की रीढ़?
अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे: करीब 122 किमी लंबा एक्सप्रेसवे, जो हरियाणा के अंबाला को यूपी के शामली से जोड़ेगा. इसके बनने से पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से आने वाली गाड़ियों को यूपी में सीधा प्रवेश मिल जाएगा.
- शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे: इसकी लंबाई लगभग 740 किमी होगी, जो पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़ेगा. यह यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा.
- गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे: लगभग 519 किमी लंबाई वाला एक्सप्रेसवे, जो गोरखपुर से उत्तर बिहार होते हुए सिलीगुड़ी तक कनेक्ट करेगा.
किन राज्यों को मिलेगा फायदा?
यह एक्सप्रेसवे का नेटवर्क देश के 8 राज्यों को कनेक्ट करेगा.
- पंजाब: अंबाला लिंक के जरिए सीधा जुड़ाव
- चंडीगढ़: अंबाला लिंक के जरिए सीधा जुड़ाव
- हरियाणा: अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जैसे क्षेत्र सीधे कनेक्ट
- दिल्ली: शामली के पास बन रहे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे इंटरचेंज के जरिए दिल्ली सीधे इस कॉरिडोर से जुड़ जाएगी.
- उत्तराखंड: शामली के जरिए देहरादून और हरिद्वार का सफर आसान.
- उत्तर प्रदेश: शामली से गोरखपुर तक यूपी के 22 जिलों की सीधी लाइफलाइन.
- बिहार: उत्तर बिहार के किशनगंज, अररिया जैसे पिछड़े जिलों को पहली बार हाई-स्पीड कॉरिडोर मिलेगा.
- पश्चिम बंगाल: पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार 'सिलीगुड़ी' इस कॉरिडोर का आखिरी छोर होगा.

सफर कितना छोटा हो जाएगा?
इस मेगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट से 8 राज्यों के तमाम शहरों की दूरी बेहद कम हो जाएगी. अभी दिल्ली से सिलीगुड़ी पहुंचने में जहां 28-32 घंटे लग जाते हैं, वहीं भविष्य में इससे सिर्फ 15-16 घंटे लगेंगे. वहीं शामली से गोरखपुर की 14-15 घंटे का सफर 7 से 8 घंटे में पूरा होगा. इसके अलावा गोरखपुर से सिलीगुड़ी में अभी 15-18 घंटे लगते हैं वहीं इस एक्सप्रेसवे से भविष्य में 7-7.5 घंटे लगेंगे. इसके साथ ही अंबाला से शामली का सफर महज सवा से डेढ़ घंटे में पूरा होगा, जहां अभी लगभग 3 घंटे लग जाते हैं.
सिलीगुड़ी कॉरिडोर को मिलेगी मजबूती
सिलीगुड़ी पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ने वाला इलाका है. इसे 'चिकन नेक' भी कहा जाता है. यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. बेहतर एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सैन्य और रणनीतिक आवाजाही तेज होगी.
दिल्ली पर ट्रैफिक दबाव कम होगा
इस एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट से पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा से पूर्वी भारत जाने वाले भारी वाहन दिल्ली के अंदर आए बिना वैकल्पिक हाई-स्पीड मार्ग का उपयोग कर सकेंगे.
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