- विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों के एकजुट होने का आह्वान किया
- उन्होंने कहा कि हम इस मामले में जांच करने वाली एजेंसियों को हर तरह से सहयोग करने का काम करेंगे
- मंत्री ने कहा कि हमें अपनी सिक्योरिटी बढ़ाने के साथ साथ पायलट्स की जांच भी बढ़ानी होगी.
स्मित मच्छार ने दुबईफ्लाई प्लेन क्रैश को बचाकर पूरी दुनिया का दिल जीत लिया है. आज ही दुबई के क्राउन प्रिंस ने उनसे मुलाकात की. इससे पहले पीएम मोदी ने खुद उनसे बात की. संयुक्त अरब अमीरात तो उनका ख्याल रख ही रहा है, सऊदी से लेकर अमेरिका और इजरायल तक उनकी लगातार तारीफ कर रहे हैं. भारतीय दूतावास भी लगातार स्मित मच्छार के हेल्थ को लेकर सक्रिय है. लगातार उनके परिवार वालों के भी संपर्क में है. मगर सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या भारतीय एजेंसियां भी इस मामले में जांच कर रही हैं या जांच करने वाली हैं?
'सभी देश आतंकवाद पर एकजुट हों'
विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने एनडीटीवी से इंडियन पायलट स्मित मच्छार को लेकर बात की. कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि पायलट स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री जी ने बात की और उनकी स्थित स्थिर है. वो बात कर रहे हैं और उनकी स्थिति में सुधार भी हो रहा है. उन्होंने जो काम किया है, उसकी जितनी भी तारीफ की जाए, वो कम है. पूरा देश स्मित मच्छार के साहस की तारीफ कर रहा है. कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि विश्व में बढ़ता हुआ आतंकवाद है, उसको लेकर दुनिया में एक संदेश जाना चाहिए कि शांति चाहने वाले देश बढ़ते हुए आतंकवाद से एक साथ मिलकर लड़ें. आतंकवाद से सबसे बड़ा खतरा निर्दोष लोगों को होता है. दुनिया के सभी देशों को उन देशों के खिलाफ आना चाहिए, जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं.
क्या भारत एजेंसियां करेंगी मामले की जांच
कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि स्मित मच्छार की घर वापसी को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है. भारत सरकार के यूएई और इजरायल से संपर्क करने के सवाल पर कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि अभी तक जो बात सामने आई है, उसमें ये हमला यहूदी लोगों को निशाना बनाने का था. एंटी टेररिज्म को लेकर कई देशों का पैक्ट है और हम इस मामले में जांच करने वाली एजेंसियों को हर तरह से सहयोग करने का काम करेंगे. अगर हमारी एजेंसी पूछताछ करना चाहेगी तो हम पैक्ट के तहत आगे बढ़ेंगे. आरोपी को-पायलट को लेकर अभी जांच जारी है. मंत्री ने कहा कि प्लेन हाइजैकिंग आतंकवाद का सबसे आसान हथियार है. एयरपोर्ट्स पर तमाम जांच होती है, इसमें पायलट भी शामिल होते हैं. हमें अपनी सिक्योरिटी बढ़ाने के साथ साथ पायलट्स की जांच भी बढ़ानी होगी.
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